जो राज्य देश को पालता रहा, अब दौड़ने लगा है—National Stakeholders Consultation के समापन पर CM हेमन्त सोरेन
जो राज्य देश को पालता रहा, अब दौड़ने लगा है—National Stakeholders Consultation के समापन पर CM हेमन्त सोरेन
नई दिल्ली/रांची: नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय National Stakeholders Consultation 2026 के समापन के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि झारखंड के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार Vision 2050 को ध्यान में रखते हुए झारखंड के विकास का नया रोडमैप तैयार कर रही है, ताकि आने वाले वर्षों में राज्य हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज झारखंड कई मामलों में वर्तमान परिस्थितियों और पारंपरिक संसाधनों पर निर्भर है। सरकार की कोशिश इस निर्भरता को धीरे-धीरे समाप्त कर राज्य को आत्मनिर्भर, आधुनिक और निवेश के अनुकूल बनाना है। इसके लिए सरकार एक नया अध्याय लिखने की दिशा में लगातार काम कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही धरातल पर दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय परामर्श कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों, उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं और निवेशकों के साथ व्यापक चर्चा हुई। राज्य के विकास, निवेश, रोजगार, उद्योग, तकनीक, शिक्षा और आधारभूत संरचना को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं, जिन पर सरकार गंभीरता से आगे बढ़ेगी।
मीडिया से बातचीत के दौरान 14 एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का हर फैसला राज्यहित और जनता की आकांक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर लिया जाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन समझौतों का उद्देश्य केवल निवेश लाना नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की विकास यात्रा को किसी एक बड़े कदम से नहीं, बल्कि लगातार किए जा रहे छोटे-छोटे प्रयासों से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने इसे "घड़े में बूंद-बूंद पानी भरने" की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि हर प्रयास राज्य की प्रगति में अपनी भूमिका निभाएगा और एक दिन यही बूंदें मिलकर विकास का पूरा घड़ा भर देंगी। हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड वह राज्य है जिसने वर्षों तक पूरे देश को अपने प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध किया, लेकिन स्वयं कई चुनौतियों से जूझता रहा। अब समय बदल रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ ही वर्षों पहले अस्तित्व में आया यह युवा राज्य अब चलना नहीं, बल्कि दौड़ना शुरू कर चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2050 तक झारखंड देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा हो और विकास, रोजगार, निवेश तथा सुशासन का नया मॉडल बने।
Trending News