एक कॉल, 30 छापेमारी और 12 घंटे... फिर जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया
एक कॉल, 30 छापेमारी और 12 घंटे... फिर जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया
राजधानी के नगड़ी थाना क्षेत्र से अगवा की गई पांच वर्षीय बच्ची को रांची पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर अपहरणकर्ताओं की साजिश नाकाम कर दी। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बच्ची बिहार के गया जंक्शन के समीप स्थित एक होटल से सकुशल मिली।
पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई को बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद नगड़ी थाना में अपहरण का मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसपी अजय आर्यन के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई। तकनीकी निगरानी और सूचना तंत्र की मदद से रांची एवं गया पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाते हुए 30 से अधिक संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य आरोपी रमेश कुमार मिश्रा पहले पीड़ित परिवार के घर के पास किराये पर रह चुका था। उसने परिचय का फायदा उठाकर बच्ची को अपने साथ ले गया और बाद में परिजनों से तीन लाख रुपये की फिरौती की मांग की। आरोपियों ने पैसे नहीं मिलने पर बच्ची की हत्या की धमकी भी दी। इसी दौरान उन्होंने दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर ऑनलाइन पांच-पांच हजार रुपये भी मंगवाए।
लगातार तकनीकी ट्रैकिंग और छापेमारी के बाद पुलिस ने गया जंक्शन के पास स्थित एक होटल से बच्ची को सुरक्षित मुक्त करा लिया। कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी रमेश कुमार मिश्रा के साथ सचिन कुमार और मोनु कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि सचिन और मोनु ने बच्ची को छिपाने के साथ-साथ फिरौती की रकम वसूलने की योजना में रमेश की सक्रिय मदद की थी। बरामदगी के बाद बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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