JPSC आंदोलन के बीच CM हाउस की किलेबंदी, छात्रों के संभावित कूच को लेकर पुलिस मुस्तैद

झारखंड में JPSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे प्रदर्शन का गुरुवार को 20वां दिन है। छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और आंदोलन खत्म करने के संकेत नहीं दे रहे हैं।
इसी बीच छात्रों के मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की संभावित आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, छात्रों की ओर से मुख्यमंत्री आवास के घेराव को लेकर फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर कांके रोड और मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है।
मुख्यमंत्री आवास के आसपास कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। कांके रोड से CM आवास की तरफ जाने वाले मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है। वहीं सूचना भवन की तरफ से आने-जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री आवास के सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। आसपास के इलाकों में भी बैरिकेड लगाए गए हैं। इसके अलावा CM आवास से हॉटलिप्स चौक होते हुए रातू रोड की दिशा में जाने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया गया है।
फिलहाल प्रदर्शनकारी छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में ही मौजूद हैं। उनके अगले कदम को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने संभावित स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री आवास के आसपास व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के कारण कांके रोड और आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ है। कई मार्गों पर रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग के चलते वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति भी देखने को मिल रही है।
इतनी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच अब आम लोगों के बीच भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब छात्र फिलहाल स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं, तो मुख्यमंत्री आवास के आसपास इतने बड़े स्तर पर रास्तों को बंद करने और बैरिकेडिंग की जरूरत क्यों पड़ी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के पीछे की विस्तृत वजह को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं, लेकिन इसके कारण आम नागरिकों की आवाजाही और दैनिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए।











