सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत, परिजनों का हंगामा, लापरवाही का आरोप
झारखंड के जामताड़ा जिले के सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिसर में जमकर हंगामा किया। मृतकों की पहचान फतेहपुर थाना क्षेत्र के चापुड़िया गांव निवासी मुन्ना मोहली और मिहिजाम थाना क्षेत्र के चंद्रडीपा गांव निवासी बाबूराम मरांडी के रूप में हुई है। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मृतकों के परिजनों का कहना है कि भर्ती होने के बाद से किसी भी डॉक्टर ने मरीजों का हाल नहीं जाना। आरोप है कि पूरी रात इलाज सिर्फ नर्सों के भरोसे चलता रहा। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर डॉक्टरों की निगरानी और उचित उपचार मिल जाता तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में काफी संख्या में लोग जुट गए और नारेबाजी करने लगे। कुछ देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। वहीं ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ. एपीएम देव ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि उनकी पूरी रात ड्यूटी थी और दोनों मरीजों का प्रोटोकॉल के अनुसार नियमित इलाज किया गया। डॉ. देव के अनुसार दोनों मरीज पहले से ही गंभीर और पुरानी बीमारियों से ग्रसित थे, जिस वजह से उनकी मौत हुई।
घटना के बाद परिजनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पूरे प्रकरण की जानकारी ली जा रही है और आंतरिक जांच कराई जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. शिवप्रसाद मिश्रा ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा, प्रथम दृष्टया अगर इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है, लेकिन परिजनों के आक्रोश के कारण मरीजों के बीच भी असंतोष देखा जा रहा है।
जामताड़ा से संतोष कुमार की रिपोर्ट
Trending News