राष्ट्रीय पंच सम्मेलन में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे अजीत मुर्मू
राष्ट्रीय पंच सम्मेलन में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे अजीत मुर्मू
ग्रामीण विकास और पंचायतों की भूमिका को मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार 16 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में राष्ट्रीय स्तर पर 'पंच सम्मेलन' का आयोजन करने जा रही है। इस सम्मेलन में देशभर से पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे। झारखंड के जामताड़ा जिले की ओर से नाला प्रखंड अंतर्गत नाला पंचायत के मुखिया अजीत मुर्मू को आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में चयनित किया गया है।
जिला ग्रामीण विकास शाखा, जामताड़ा की ओर से जारी आदेश के अनुसार उप विकास आयुक्त सह अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक के कार्यालय ने अजीत मुर्मू को सम्मेलन में भाग लेने के लिए अधिकृत किया है। जिला प्रशासन ने उन्हें निर्धारित समय पर वाराणसी पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को ‘विकसित भारत : रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025’ के तहत संचालित नई गारंटी आधारित योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना है। साथ ही पंचायत स्तर पर इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर प्रबंधन और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस मंच पर जामताड़ा की भागीदारी से जिले में संचालित सफल ग्रामीण विकास पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर साझा करने का अवसर मिलेगा। वहीं अन्य राज्यों के अनुभवों और नवाचारों से सीख लेकर स्थानीय योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
सम्मेलन में शामिल होने के लिए चयनित होने पर मुखिया अजीत मुर्मू ने इसे अपने लिए सम्मान की बात बताते हुए जिला और प्रखंड प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वाराणसी में आयोजित इस सम्मेलन के दौरान वे जामताड़ा की पंचायतों में किए गए कार्यों और सफल अनुभवों को देशभर के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे। साथ ही विभिन्न राज्यों में अपनाए जा रहे बेहतर मॉडलों और नवाचारों का अध्ययन कर उन्हें नाला पंचायत में लागू करने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विकसित भारत अभियान के तहत रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचे। सम्मेलन से प्राप्त सुझावों और नई कार्यप्रणालियों को जिला प्रशासन के सहयोग से पंचायत स्तर पर लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
अजीत मुर्मू ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्थान पर शुरू की गई वीबीजी (VBG) व्यवस्था से संबंधित कार्यप्रणाली और पंचायत विकास के नए आयामों की जानकारी भी सम्मेलन में प्राप्त होगी। उनका विश्वास है कि इस राष्ट्रीय आयोजन से लौटने के बाद पंचायतों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण विकास को नई गति देने में मदद मिलेगी।
जामताड़ा से संतोष कुमार की रिपोर्ट
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