'हर-हर महादेव' के गगनभेदी जयकारों से गूंजा देवलेश्वर धाम, पहले सोमवार पर उमड़ी भारी भीड़
'हर-हर महादेव' के गगनभेदी जयकारों से गूंजा देवलेश्वर धाम, पहले सोमवार पर उमड़ी भारी भीड़
सावन माह की शुरुआत के साथ ही जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड स्थित प्रसिद्ध देवलेश्वर धाम शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। बांग्ला पंचांग के अनुसार शुरू हुए श्रावणी मेले के पहले सोमवार को मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। झारखंड के विभिन्न हिस्सों के अलावा पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में कांवरिये और श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।
भोर होते ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। कई लोगों को दर्शन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। अपनी बारी आने पर श्रद्धालुओं ने बाबा देवलेश्वर का जल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। महिलाओं और युवतियों की भी अच्छी-खासी भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना की।
श्रावणी मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है। बैरिकेडिंग, नियमित गश्त और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बिजली, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और अस्थायी सहायता केंद्र की व्यवस्था की गई है। वहीं स्वयंसेवकों को भी तैनात किया गया है, जो विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद श्रद्धालुओं की सहायता कर रहे हैं। पूजा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मंदिर के पुजारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे सावन महीने में प्रत्येक सोमवार और अन्य प्रमुख अवसरों पर पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद रहेगा।
श्रावणी मेले के कारण मंदिर परिसर में पूजा सामग्री, फूल, बेलपत्र, प्रसाद, भोजन और जलपान की अस्थायी दुकानों की भी अच्छी रौनक दिखाई दे रही है। दुकानदारों के लिए निर्धारित स्थानों का आवंटन किया गया है तथा साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मंदिर समिति का कहना है कि सामान्य दिनों की तुलना में सावन के प्रत्येक सोमवार और पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। दूर-दराज से आने वाले कांवरिया दलों का आगमन लगातार जारी है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि देवलेश्वर धाम में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है, यही कारण है कि हर वर्ष श्रावणी मेले में भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
जामताड़ा से संतोष कुमार की रिपोर्ट
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