नियमों से पहले तबादले, करोड़ों की योजनाएं लंबित... कोल्हान विवि पर दोहरी कार्रवाई
नियमों से पहले तबादले, करोड़ों की योजनाएं लंबित... कोल्हान विवि पर दोहरी कार्रवाई
राज्य और केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत 96 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाएं कोल्हान विश्वविद्यालय में लंबे समय से अटकी हुई हैं। आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद विश्वविद्यालय स्तर पर राशि जारी नहीं किए जाने के कारण कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक परियोजनाओं की प्रगति ठप पड़ गई है। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय के वित्तीय और प्रशासनिक कामकाज की विशेष ऑडिट कराने का फैसला लिया है।
जानकारी के अनुसार, लंबित परियोजनाओं में विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज, प्रोफेशनल कॉलेज तथा प्रधानमंत्री उषा (PM-USHA) योजना के तहत जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के भवन निर्माण जैसे अहम कार्य शामिल हैं। समय पर राशि जारी नहीं होने से इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका है, जबकि इनके लिए स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इससे पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन को योजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, लगातार मिल रही शिकायतों से स्पष्ट हुआ कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित गति नहीं लाई गई। इसी के बाद विभाग ने पूरे मामले की गहन वित्तीय जांच के लिए स्पेशल ऑडिट कराने का निर्णय लिया है।
इस बीच, झारखंड विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 लागू होने के बाद भी परिनियम तैयार होने से पहले कई प्राचार्यों और शिक्षकों के स्थानांतरण तथा पदस्थापन किए जाने की शिकायतें भी सरकार तक पहुंची हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने ऐसी प्रशासनिक प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है और कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन से इस संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
सरकार ने केवल कोल्हान विश्वविद्यालय ही नहीं, बल्कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अधिनियम और नियमों के अनुरूप ही नियुक्ति, स्थानांतरण और पदस्थापन जैसी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएं।
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