लोन लेना होगा आसान, AI बदलेगा पूरा सिस्टम!
धनबाद: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आज डीएमएफटी के सभागार में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

धनबाद: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आज डीएमएफटी के सभागार में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक संजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया में सूक्ष्म उद्यमियों और ऋण सहायकों के बीच सूचना एवं संचार के अंतर को समाप्त करने के लिए विकसित किए गए डिजिटल उपकरणों का प्रदर्शन और मूल्यांकन करना था।
बैठक में ऑग्मेन.आईओ के प्रतिनिधि अर्नव गांगुली ने वर्तमान में संचालित एप्लिकेशन पोर्टल, एडमिन पोर्टल और क्रोम एक्सटेंशन जैसे डिजिटल टूल्स पर प्रस्तुतिकरण दिया। बताया कि एप्लिकेशन पोर्टल पर उद्यमियों एवं आवेदकों के लिए सहज और सरल इंटरफ़ेस तैयार किया गया है।
वहीं एडमिन पोर्टल पर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शी निगरानी के लिए केंद्रीयकृत प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है। जबकि क्रोम एक्सटेंशन में ऋण सहायकों और अधिकारियों के दैनिक कार्यप्रवाह को सुगम और तीव्र बनाने का डिजिटल टूल विकसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि ऑग्मेन.आईओ के वॉयस एआई मॉडल स्थानीय भाषाओं में ऋण आवेदकों को जटिल प्रक्रियाओं को समझने में मदद करते हैं, जिससे सूक्ष्म उद्यमी आसानी से योजना का लाभ उठा सकेते हैं।
बैठक में पोर्टल एवं एक्सटेंशन की कार्यक्षमता की समीक्षा की गई। समीक्षा के आधार पर प्राप्त सुझावों को आगामी अपडेट्स में शामिल किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों के औपचारिककरण, रोजगार सृजन और किसानों की आय में वृद्धि के राष्ट्रीय लक्ष्य को गति दी जा सके।
बैठक में जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक संजीत कुमार सिन्हा, ऑग्मेन.आईओ के प्रतिनिधि अर्नव गांगुली, आदित्य चौधरी, निलु कुमारी, जेएसएलपीएस के डीपीएम सुदिप्ता बनर्जी, डीएमएफटी से रवि कुमार, सभी प्रखंड के डीआरपी, एलडीएम कार्यालय के प्रतिनिधि सहित अन्य विभाग के प्रतिनिधि मौजूद थे।
धनबाद से युधिष्ठिर की रिपोर्ट













