मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित किसानों के खातों में 112.52 करोड़ की कृषि इनपुट अनुदान राशि की अंतरित
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों को संकट के समय सहायता पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत उपलब्ध कराने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' कक्ष में कृषि विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में अतिवृष्टि एवं विभिन्न नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण आई बाढ़ से फसल क्षति झेलने वाले 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से 112.52 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों को संकट के समय सहायता पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत उपलब्ध कराने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रभावित किसानों को समय पर फसल क्षति की आर्थिक सहायता मिले ताकि वे खेती-किसानी के कार्यों को आगे बढ़ा सकें।
राशि का अंतरण आज DBT के माध्यम से उनके खाते में किया गया है - मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा कि जो जानकारी मुझे दी गई है उसके अनुसार, 4,57,616 किसानों ने अनुदान के लिए आवेदन किया है, जिसमें से 2,48,704 प्रभावित किसानों के खाते में 112.52 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण आज डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में किया गया है। दशहरा के बाद 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाकर यह सुनिश्चित करें कि बाढ़ से जिन किसानों को फसल क्षति हुई है, उन्हें भी अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाए, कोई भी आपदा प्रभावित किसान इससे वंचित न रहें।
कृषि इनपुट अनुदान के माध्यम से किसानों को फसल क्षति के बाद खेती के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में सहायता मिलेगी - सम्राट
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 85 सौ रुपए प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए 17 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर और साश्वत/बहुवर्षीय फसल के लिए 22 हजार पांच सौ रुपए प्रति हेक्टेयर के रूप में किसानों को अनुदान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कृषि इनपुट अनुदान के माध्यम से किसानों को फसल क्षति के बाद खेती के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री किसानों के हितों की लगातार चिंता करते रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसानों के हितों की लगातार चिंता करते रहे हैं और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए काफी काम किया है। कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग सहित सभी संबद्ध विभाग बाढ़ के दौरान समन्वय बनाकर लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर काम किया है। राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
CM सम्राट के साथ दोनों डिप्टी सीएम, कई मंत्री के अलावा कई वरीय अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, कृषि विभाग के निदेशक मुकेश कुमार लाल सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे, जबकि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी जुड़े हुए थे।













