धनबाद के SNMMCH का होगा कायाकल्प, 194 करोड़ की मेगा परियोजना को मंजूरी

झारखंड सरकार ने धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) के व्यापक विस्तार और उन्नयन के लिए बड़ी परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 194 करोड़ 73 लाख 42 हजार 600 रुपये की स्वीकृति जारी की है। सरकार का उद्देश्य मेडिकल कॉलेज की क्षमता बढ़ाने के साथ अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों को नई मजबूती मिले।
इस परियोजना के तहत मेडिकल कॉलेज में स्नातक (MBBS) की सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 250 की जाएगी। वहीं, स्नातकोत्तर (PG) सीटों का विस्तार 16 से बढ़ाकर 50 तक किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक अधिक विद्यार्थियों को अवसर मिल सकेगा।
योजना में शिक्षकों और रेजीडेंट डॉक्टरों के लिए आधुनिक आवासीय परिसर भी विकसित किए जाएंगे। प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और पीजी रेजीडेंट्स के लिए नए आवास बनाए जाएंगे, जिनमें बिजली, प्लंबिंग, फर्नीचर और अग्नि सुरक्षा जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन आवासीय भवनों के निर्माण पर लगभग 70.98 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अस्पताल को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए आधुनिक उपकरणों की खरीद पर करीब 85 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। साथ ही नए निर्माण कार्यों के लिए अस्पताल परिसर में मौजूद कई पुराने और जर्जर भवनों को हटाया जाएगा। इनमें पुरानी ओपीडी, मॉर्चरी, डॉक्टरों के आवास, गेस्ट हाउस तथा कर्मचारियों के क्वार्टर समेत अन्य संरचनाएं शामिल हैं।
परियोजना के अंतर्गत अस्पताल परिसर में नई बाउंड्री वॉल और भव्य मुख्य प्रवेश द्वार का भी निर्माण किया जाएगा, जिस पर लगभग 1.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूरे कैंपस का विकास आधुनिक मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य संस्थान की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
सरकार ने इस परियोजना को चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इसका क्रियान्वयन वित्तीय वर्ष 2026-27 से शुरू होकर 2029-30 तक चलेगा। पहले और अंतिम वर्ष कुल लागत का 20-20 प्रतिशत खर्च किया जाएगा, जबकि बीच के दो वर्षों में 30-30 प्रतिशत राशि व्यय करने की योजना बनाई गई है।
निर्माण कार्य का जिम्मा झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड (JSBCCL) को खुली निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सौंपा जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि परियोजना निर्धारित समय सीमा में पूरी होनी चाहिए और लागत में किसी भी प्रकार की वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस योजना को 21 जुलाई को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी मिली थी। इसके बाद 31 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने प्रशासनिक स्वीकृति जारी की। साथ ही निर्देश दिया गया है कि जिन पुराने भवनों को हटाया जाएगा, उनका विधिवत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए, ताकि भविष्य के लिए सभी दस्तावेज संरक्षित रहें।





















