सुरक्षा के अभेद्य घेरे के बीच धनबाद जेल लाया गया इनामी नक्सली मिसिर बेसरा

ऑपरेशन "दौरा पहाड़" के तहत गिरफ्तार किए गए प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता और 2.20 करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा सहित पांच नक्सलियों को बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रांची से धनबाद लाया गया। न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने से पहले सभी का धनबाद सदर अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
इन गिरफ्तार नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी माओवादी मेहनत उर्फ मोछू, गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा और उनके दो अन्य सहयोगी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में संयुक्त अभियान के दौरान इन सभी को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पहले इन्हें रांची स्थित पुलिस मुख्यालय ले जाया गया, जहां पूरे ऑपरेशन की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा की।
बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में डीजीपी तदाशा मिश्रा, धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार तथा अन्य अधिकारियों ने ऑपरेशन "दौरा पहाड़" की सफलता और उसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इसके बाद सभी आरोपियों को विशेष सुरक्षा इंतजामों के साथ धनबाद रवाना किया गया।
रांची से धनबाद तक पूरे रास्ते सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। कैदी वाहन के आगे और पीछे पुलिस तथा सुरक्षा बलों की कई गाड़ियां तैनात रहीं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
धनबाद पहुंचने पर सभी नक्सलियों को सीधे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। अस्पताल परिसर में सुरक्षा इतनी सख्त थी कि आम लोगों और मीडिया को आरोपियों के करीब जाने की अनुमति नहीं दी गई। सभी आरोपियों के चेहरे ढके हुए थे और पुलिस ने उनकी तस्वीरें लेने पर भी रोक लगा रखी थी।
चिकित्सकीय जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने पांचों नक्सलियों को न्यायिक हिरासत में धनबाद जेल भेज दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं और अस्पताल से लेकर जेल तक हर चरण में विशेष निगरानी रखी गई।













