कोटा जाने की मजबूरी होगी कम, अब सहरसा में मिलेगी प्रतियोगी शिक्षा की बेहतर तैयारी
सहरसा। शहर के नया बाजार स्थित नडियार रोड में पेट्रोल पंप के समीप सोमवार को ‘द लर्निंग हब’ कोचिंग सेंटर का शुभारंभ विधायक डॉ. गौतम कृष्ण ने फीता काटकर किया।

सहरसा। शहर के नया बाजार स्थित नडियार रोड में पेट्रोल पंप के समीप सोमवार को ‘द लर्निंग हब’ कोचिंग सेंटर का शुभारंभ विधायक डॉ. गौतम कृष्ण ने फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।
कोचिंग सेंटर के संचालक राकेश रोशन को शिक्षा के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वे पूर्व में कोटा के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वे एन्टी पीसी, विद्युत मंत्रालय एवं कोयला मंत्रालय से भी जुड़े रहे हैं।
संचालक ने बताया कि ‘द लर्निंग हब’ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रतिस्पर्धी शिक्षा उनके अपने राज्य में उपलब्ध कराना है। बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में बिहार के विद्यार्थी कोटा समेत देश के अन्य शहरों का रुख करते हैं। ऐसे में संस्थान का प्रयास है कि विद्यार्थियों को अपने परिवार के साथ रहते हुए ही उच्चस्तरीय शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य सिर्फ विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उनकी बुनियादी शैक्षणिक नींव मजबूत करना, उन्हें सही दिशा देना और भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना भी है। इससे विद्यार्थियों के अभिभावकों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को भी कम करने में मदद मिलेगी।
उद्घाटन समारोह में रणबीर सिंह, दिलीप सिंह, गुड्डू ठाकुर, अमित कुमार मुरारी, अविनाश झा, दीपक सिंह सहित कई गणमान्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने ‘द लर्निंग हब’ की पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी कदम बताया।
संचालक राकेश रोशन ने कहा कि उनका लक्ष्य बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए मजबूरी में राज्य से बाहर जाने से रोकना है। वे चाहते हैं कि विद्यार्थी अपने घर-परिवार के बीच रहकर बेहतर शिक्षा प्राप्त करें और आगे चलकर समाज एवं बिहार के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दें।
सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट










