टीआरइ 3 पेपर लीक मामला, इओयू ने एक और आरोपी को पकड़ा
टीआरइ 3 परीक्षा लीक मामले से जुड़ी बड़ी खबर है। आर्थिक अपराध इकाई ने इस मामले में अप्राथमिकी आयुक्त डॉक्टर मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है।

टीआरइ 3 परीक्षा लीक मामले से जुड़ी बड़ी खबर है। आर्थिक अपराध इकाई ने इस मामले में अप्राथमिकी आयुक्त डॉक्टर मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। इकाई को इस मामले में मनीष कुमार की तलाश थी। इस पूरे मामले में आर्थिक अपराध इकाई की तरफ से यह 296वीं गिरफ्तारी है।
आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मूल रूप से जहानाबाद जिले के परसबीघा थाना अंतर्गत निहालपुर गांव के निवासी शिव शंकर प्रसाद की पुत्र डॉ मनीष कुमार बीपीएससी द्वारा शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित टीआरइ 3 के मामले में अप्राथमिक अभियुक्त थे। इकाई के द्वारा यह जानकारी दी गई है कि डॉ मनीष कुमार की परीक्षा लीक करने वाले गिरोह के सरगना संजीव मुखिया के पुत्र डॉक्टर शिव से पहले से मित्रता थी। इस गिरोह द्वारा बीपीएससी टीआरइ 3 परीक्षा में शिक्षक बहाली में पेपर आउट करवा कर कैंडिडेट को भर्ती करने का षड्यंत्र किया गया था।
इकाई के द्वारा यह भी जानकारी दी गई है कि योजना के अनुसार डॉक्टर मनीष को प्रत्येक अभ्यर्थी की सेटिंग के 50 हजार रूपये दिए जाने का वादा किया गया था। अभियुक्त डॉ मनीष के द्वारा बीपीएससी टीआइरइ 3 परीक्षा के दो-तीन दिन पहले ही इनके द्वारा 30 कैंडिडेट को पटना से वाहन रिजर्व कर झारखंड के हजारीबाग स्थित कोहिनूर होटल पहुंचाया गया। जिससे सभी कैंडिडेट परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र को पढ़कर परीक्षा में सम्मिलित हो सके। डॉक्टर मनीष अपने सभी अभ्यर्थी को हजारीबाग छोड़कर वापस पटना चले आए थे। टीआरइ 3 की परीक्षा 15 मार्च 2024 को निर्धारित थी। इओयू के द्वारा यह जानकारी दी गई है कि डॉक्टर मनीष 2021 में एनएमसीएच पटना से एमबीबीएस उत्तीर्ण है। यह कैमूर जिले में डॉक्टर के पद पर कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में सरकारी सेवा से त्यागपत्र देकर पीजी की तैयारी कर रहे हैं। इस कांड में आर्थिक अपराध ईकाई के द्वारा की गई यह 296वीं गिरफ्तारी है।
इकाई ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता परीक्षा में गलत तरीके से प्रश्न पत्र लीक करने वाले और इस कार्य से आर्थिक लाभ लेने वाले व्यक्तियों, समूह के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इस कांड के अन्य पहलूओं की गहन जांच की जा रही है और इसमें संलिप्त अन्य व्यक्तियों की भूमिका का सत्यापन एवं आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।











