डीजीपी विनय कुमार मुख्य सूचना आयुक्त बनेंगे, सीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय
बिहार के वर्तमान डीजीपी विनय कुमार को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज हुई बैठक में नए मुख्य सूचना आयुक्त पर सहमति बनी है. बिहार के डीजीपी विनय कुमार को मुख्य सूचना आयुक्त बनाया जाएगा.

बिहार के वर्तमान डीजीपी विनय कुमार को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज हुई बैठक में नए मुख्य सूचना आयुक्त पर सहमति बनी है. बिहार के डीजीपी विनय कुमार को मुख्य सूचना आयुक्त बनाया जाएगा. दरअसल, 1991 बैच के आईपीएस विनय कुमार को अभी दो साल का सर्विस एक्सटेंशन मिला है, जो 12 दिसंबर 2026 को खत्म होगा. उनके कार्यकाल की समाप्ति में अभी ढ़ाई महीने का समय बचा हुआ है. इसी बीच यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद थे. विनय कुमार को मुख्य सूचना आयुक्त पद पर तैनाती की सहमति बनी. इसके अलावा, विधि विभाग के पूर्व सचिव और न्यायिक सेवा के अधिकारी अंजनी कुमार सिंह को बिहार का सूचना आयुक्त बनाए जाने पर भी सहमति बनी है. अब बिहार के डीजीपी से सूबे के मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर जा रहे हैं.
बिहार के डीजीपी विनय कुमार फिलहाल लंबी छुट्टी पर गए हैं. उनकी जगह पर आईपीएस प्रीता वर्मा को डीजीपी का प्रभार सौंपा गया है. विनय कुमार को लेकर कई तरह की चर्चा हो रही थी, लेकिन सम्राट चौधरी की सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी दी है. विनय कुमार कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी भूमिका निभा चुके हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय त्रि-सदस्यीय चयन समिति की बैठक में उक्त दो नामों पर सहमति बन गई. जल्द ही इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी.
सनद रहे कि विनय कुमार 1991 बैच के आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी हैं. वह अभी छुट्टी पर चल रहे हैं. इसी बीच उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में चयनित किया गया है. मौजूदा मुख्य सूचना आयुक्त और आईएएस अधिकारी त्रिपुरारी शरण का कार्यकाल जून में ही समाप्त हो गया था. फिलहाल यह पद खाली था. बतौर डीजीपी विनय कुमार का कार्यकाल 12 दिसंबर 2026 को खत्म हो रहा है. उससे पहले ही उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त बना दिया गया है.
विनय कुमार बीते 15 सितंबर को 21 दिनों की लंबी छुट्टी पर चले गए थे. उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया था. इसके बाद बिहार पुलिस की सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को डीजीपी का प्रभार सौंपा गया. प्रीता अभी कार्यवाहक डीजीपी के रूप में काम कर रही हैं. डीजीपी विनय कुमार के मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में चयन से यह स्पष्ट हो गया कि छुट्टी से लौटने पर वे नई भूमिका में अपना योगदान देंगे.
वहीं, राज्य सूचना आयुक्त बनाए गए अंजनी कुमार सिंह न्यायिक सेवा के अधिकारी रहे हैं. वे बिहार के विधि विभाग में सचिव का दायित्व निभा चुके हैं. उन्हें रिटायरमेंट के बाद नई जिम्मेदारी दी गई है. अधिसूचना जारी होने के बाद वे भी पदभार संभाल लेंगे.
दूसरी ओर, बिहार में नए डीजीपी की तलाश शुरू हो गई है. बीते दिनों सम्राट सरकार ने सीनियर आईपीएस अधिकारियों की सूची केंद्र सरकार को भेजी थी. इनमें 9 डीजी, जबकि 14 एडीजी रैंक के अधिकारी हैं. अब केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बिहार सरकार की लिस्ट पर यूपीएससी के साथ विचार - विमर्श किया जाएगा. फिर तीन नामों का पैनल बनाकर बिहार सरकार को भेज दिया जाएगा. इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी.
1991 बैच की आईपीएस प्रीता वर्मा अभी बिहार में सबसे सीनियर पुलिस अधिकारी हैं। विनय कुमार की गैरमौजूदगी में वह डीजीपी का प्रभार संभाल रही हैं. साथ ही उनके पास डीजी होमगार्ड और अग्निशमन सेवाओं का जिम्मा है. नए डीजीपी की रेस में प्रीता वर्मा के अलावा आईपीएस जितेंद्र सिंह गंगवार, जितेंद्र कुमार, कुंदन कृष्णन समेत अन्य नाम शामिल हैं.
अनूप नारायण सिंह










