पटना गया रेलखंड पर टला बडा हादसा, ट्रेन दुर्घटना की थी साजिश
राज्य से बडी खबर है। यहां गया-पटना रेलखंड पर एक बड़ी रेल दुर्घटना की साजिश को लोको पायलट की सतर्कता ने विफल कर दिया। मिली खबर के अनुसार वाराणसी से राजगीर जा रही 15137 बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस को बेपटरी करने की साजिश थी, जिसे लोको पायलट की सतर्कता से विफल कर दिया गया। बताया जा रहा है कि रेल की पटरी पर भारी लोहे का CST-9 प्लेट रखा मिला। समय रहते ट्रेन रोक दिए जाने से सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई।
प्राप्त खबर के अनुसार गया जंक्शन से बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस पटना की ओर रवाना हुई थी। ट्रेन जैसे ही स्टार्टर सिग्नल के पास पहुंची, लोको पायलट की नजर ट्रैक पर रखी एक संदिग्ध वस्तु पर पड़ी। खतरे को भांपते हुए उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। जांच के दौरान रेल पटरी के बीचों-बीच भारी लोहे का CST-9 प्लेट रखा हुआ मिला। चालक ने तत्काल इस बात की जानकारी ट्रेन के गार्ड और रेलवे कंट्रोल को दी। इस घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार रात करीब दो बजे के करीब आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक से लोहे की प्लेट हटाकर रेल मार्ग को सुरक्षित किया। हालांकि इस बीच सुरक्षा कारणों से गंगा-दामोदर एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों को भी कुछ समय के लिए रोका गया। रेलवे अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि यह प्लेट जानबूझकर ट्रैक पर रखी गई थी। यदि ट्रेन इससे टकरा जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसी वजह से रेलवे इस मामले को संभावित साजिश मानकर जांच कर रहा है। इस बेहद संवेदनशील घटना के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। डीडीयू मंडल के डीआरएम के निर्देश पर आरपीएफ द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों की गतिविधियों और समपार फाटकों पर तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि साजिश के पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ट्रैक पर भारी लोहे की प्लेट किसने और किस उद्देश्य से रखी थी। लोको पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय ने एक संभावित बड़े रेल हादसे को टाल दिया, जिसकी रेलवे प्रशासन ने सराहना की है।
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