सरकारी खजाने में सेंधमारी का बड़ा खेल हुआ उजागर, वेतन घोटाला का बड़ा मामला आया सामने
पूर्वी चंपारण मे 60 लाख रुपए के कथित वेतन घोटाले में दो कर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। एचआरएमएस पोर्टल और डीपीओ स्थापना की भूमिका को लेकर सवाल उठ गए हैं। मोतिहारी के शिक्षा विभाग में भी वेतन घोटाला का खुलासा हुआ है।

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण मे 60 लाख रुपए के कथित वेतन घोटाले में दो कर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। एचआरएमएस पोर्टल और डीपीओ स्थापना की भूमिका को लेकर सवाल उठ गए हैं। मोतिहारी के शिक्षा विभाग में भी वेतन घोटाला का खुलासा हुआ है। खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
DPO स्थापना कार्यालय के एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक मदरसा शिक्षक जो वर्षो से प्रति नियुक्त हैं - जिला शिक्षा पदाधिकारी
मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि डीपीओ स्थापना कार्यालय के एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक मदरसा शिक्षक जो वर्षो से प्रति नियुक्त हैं। ये लोग अधिकारी के साथ मिलकर 2024 से ही बड़ा खेल कर फर्जी वेतन अपनी मां और पत्नी के नाम पर उठा रहे हैं। एक मदरसे के शिक्षक मोहम्मद बेताब ने खुद और पत्नी के नाम पर सरकारी राशि का ट्रांसफर किया। जबकि दूसरे कम्प्यूटर अपरेटर ने स्वयं और बहन के नाम पर राशि का घोटाला किया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा- लगभग 60 लाख रुपए सरकारी राशि की अवैध निकासी की गई है
वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि लगभग 60 लाख रुपए सरकारी राशि की अवैध निकासी की गई है। इस मामले में उन्होंने नगर थाने में दो कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इनमें से एक मदरसा शिक्षक जबकि दूसरा कंप्यूटर ऑपरेटर अमन कुमार शामिल है। उनसे पूछा गया कि जब एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से 2024 से ही फर्जीवाड़ा हो रहा था। क्या डीपीओ स्थापना इसमें संलिप्त नहीं हैं? इस सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
DEO ने निचले स्तर के कर्मियों पर थाने में मुकदमा दर्ज करा कर बचने की कोशिश की है
हालांकि, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निचले स्तर के कर्मियों पर थाने में मुकदमा दर्ज करा कर बचने की कोशिश की है, लेकिन मामला गंभीर है। आखिर एक कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे दो सालों से अपने खाते में राशि भेज रहा था। बड़ा सवाल है कि आखिर जिला शिक्षा पदाधिकारी जिला स्थापना पदाधिकारी ने आखिर इस मामले में रिव्यू क्यों नहीं किया। शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर हो रही विसंगति को दूर कैसे नहीं किया। अखिर जब बजट बढ़ा उसकी जांच क्यों नहीं कि यह बड़ा सवाल है। सवाल कई है लेकिन जवाब अभी नहीं मिल पा रहा है। तत्काल डीईओ ने नगर थाने में मुकदमा दर्ज कर दिया है और आगे की विभागीय कार्रवाई में जुट गए हैं।
मोतिहारी से प्रकाश सिंह की रिपोर्ट













