4 मिठाई दुकानों की FSSAI अनुज्ञप्ति निलंबित, 16 टन से अधिक दूषित मिठाइयां नष्ट
जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान मिठाई निर्माण करने वाले चार प्रतिष्ठानों में छापेमारी की गई।

जहानाबाद : जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान मिठाई निर्माण करने वाले चार प्रतिष्ठानों में छापेमारी की गई। जांच में मिठाइयों का निर्माण अस्वच्छ और अस्वास्थ्यकर वातावरण में किए जाने समेत कई अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद विभाग ने चारों प्रतिष्ठानों की एफएसएसएआई (FSSAI) अनुज्ञप्ति अगले आदेश तक निलंबित कर दी।
जांच के दौरान संदूषित पाए गए 16,160 किलोग्राम खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया
वहीं, जांच के दौरान संदूषित पाए गए 16,160 किलोग्राम खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 29 लाख रुपए बताई गई है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त, बिहार, पटना के आदेश व जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। असैनिक शल्य चिकित्सक कार्यालय के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित पदाधिकारी के नेतृत्व में टीम ने जिले के चार मिठाई निर्माण प्रतिष्ठानों की जांच की। इनमें उत्तरी दौलतपुर गली स्थित प्रिंस स्वीट्स, सहबाजपुर स्थित पूजा स्वीट्स और शुभम स्वीट्स तथा कनौदी स्थित जय भवानी मिष्ठान भंडार शामिल हैं। जांच के दौरान प्रतिष्ठानों में मिठाइयों के निर्माण और रखरखाव में स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसके आधार पर चारों दुकानों की खाद्य सुरक्षा अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दी गई।
1,868 किलो खाद्य सामग्री जब्त
छापेमारी के दौरान टीम ने कुल 1,868 किलोग्राम मिठाई एवं खाद्य सामग्री जब्त की। इसकी अनुमानित कीमत दो लाख 29 हजार 990 रुपए आंकी गई है। जब्त सामग्री में 168 किलो डोडा और मिल्क केक, 850 किलो अरारोट और 850 किलो मावा और सफेद बर्फी शामिल हैं। विभाग ने जब्त खाद्य सामग्री के निष्कासन और बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
16,160 किलो दूषित खाद्य पदार्थ किए गए नष्ट
कार्रवाई के दौरान संदूषित पाए गए कुल 16,160 किलोग्राम खाद्य पदार्थों का विनष्टीकरण कराया गया। इसमें डोडा बर्फी, खोवा, क्रीम, रसगुल्ला सहित अन्य मिठाई उत्पाद शामिल थे। इन खाद्य पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 29 लाख रुपए बताई गई है। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में दूषित और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना है।
8 खाद्य नमूने जांच के लिए संग्रहित
जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छैना-पनीर, मिल्क केक, मावा और रसगुल्ला के कुल आठ नमूने भी संग्रहित किए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी - विभाग
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में मिठाई सहित अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच अभियान चलाने पर जोर दिया है। साथ ही सभी मिठाई निर्माताओं और विक्रेताओं को निर्माण, भंडारण और बिक्री के दौरान निर्धारित स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
जहानाबाद से बरुण कुमार की रिपोर्ट











