किशोर न्याय बोर्ड की बैठक में किशोरों के पुनर्वास को लेकर सख्त निर्देश
समाहरणालय सभा कक्ष में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, गोपालगंज भारती कुमारी की अध्यक्षता में किशोर न्याय बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

समाहरणालय सभा कक्ष में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, गोपालगंज भारती कुमारी की अध्यक्षता में किशोर न्याय बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान बाल संरक्षण, किशोरों के अधिकार, पुनर्वास एवं सामाजिक पुनर्समायोजन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश
बैठक के दौरान किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति की समीक्षा की गई। संबंधित मामलों के निष्पादन में आ रही कठिनाइयों पर भी चर्चा की गई। अध्यक्षता कर रहीं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रीमती भारती कुमारी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को किशोर न्याय प्रणाली के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करते हुए मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किशोरों से संबंधित मामलों में सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ किशोर के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता दी जाए। किशोरों के साथ संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके संरक्षण, मार्गदर्शन और भविष्य को ध्यान में रखकर आवश्यक कार्रवाई करने पर बल दिया गया।
विधिक सहायता, परामर्श और शिक्षा की सुविधा सुनिश्चित करने पर बल
बैठक में किशोरों को उनके अधिकारों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवश्यक विधिक सहायता एवं परामर्श की सुविधा सुनिश्चित करने पर विशेष चर्चा हुई। संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जरूरतमंद किशोरों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपनी स्थिति और अधिकारों को समझ सकें।
इसके साथ ही किशोरों की शिक्षा एवं कौशल विकास से जुड़े अवसरों को भी महत्वपूर्ण माना गया। बैठक में किशोरों को शिक्षा, प्रशिक्षण एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की गई, ताकि वे मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
पुनर्वास और सामाजिक पुनर्समायोजन को बनाया जाए प्राथमिकता
बैठक में किशोरों के पुनर्वास एवं सामाजिक पुनर्समायोजन पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किशोर न्याय प्रणाली के अंतर्गत आने वाले बच्चों के लिए केवल मामलों का निष्पादन ही उद्देश्य न हो, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए पुनर्वास की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
किशोरों की व्यक्तिगत परिस्थितियों, पारिवारिक पृष्ठभूमि एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में उपयुक्त कार्रवाई करने पर बल दिया गया। संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर किशोरों को आवश्यक संरक्षण, परामर्श, शिक्षा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई।
बैठक में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष लंबित मामलों की प्रगति, किशोरों से संबंधित मामलों के निष्पादन तथा पुनर्वास की दिशा में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप सभी प्रक्रियाओं का समयबद्ध तरीके से पालन किया जाए तथा किशोरों के हितों की अनदेखी न हो।
बैठक का मुख्य उद्देश्य किशोर न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के साथ-साथ किशोरों को संरक्षण, विधिक सहायता, परामर्श, शिक्षा एवं पुनर्वास की समुचित सुविधा उपलब्ध कराना रहा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किशोरों के हित में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करें।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट










