नेपाल में बारिश से उफनाई नदियां, बिहार में बाढ़ से हाहाकार, घरों में घुसा पानी, लोग कर रहे पलायन
पश्चिम चम्पारण ज़िला के दियारा के निचले इलाकों में आईं बाढ़ के बाद हाहाकार मचा है। बगहा-2 प्रखंड के लक्ष्मीपुर रमपुरवा पंचायत अंतर्गत चकदहवा, झंडवा टोला और बीन टोली में बाढ़ का पानी घुसने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

इस वक़्त की बड़ी ख़बर पश्चिम चम्पारण ज़िला से आ रही है, जहां दियारा के निचले इलाकों में आईं बाढ़ के बाद हाहाकार मचा है। आलम यह है कि बगहा-2 प्रखंड के लक्ष्मीपुर रमपुरवा पंचायत अंतर्गत चकदहवा, झंडवा टोला और बीन टोली में बाढ़ का पानी घुसने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लिहाजा प्रशासन नें लोगों को ऊँचे औऱ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है।
दरअसल नेपाल के तराई इलाके में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण गंडक, मसान समेत गंडक नदी का रोहुआ नाला उफान पर है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज़ से 2 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया है। यही वज़ह है की ग्रामीणों के घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। तभी तो झंडवा टोला के कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।
बताया जा रहा है की नेपाल के तराई क्षेत्रों में हों रही वर्षा के बाद गंडक नदी समेत इलाके की पहाड़ी नदियां उफ़ान पर हैं औऱ यहीं वज़ह है की बाढ़ का खतरा मडराने लगा है। वाल्मीकिनगर के चकदहवा में हालात ख़राब होने लगें हैं। क्योंकि स्थानीय ग्रामीण बसंत राम ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर गंडक नदी और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से घिरे चकदहवा, बीन टोली और झंडवा टोला में करीब 250 से 300 घर बसे हैं। जहाँ लगातार बारिश के कारण जंगल से होकर बहने वाला रोहुआ नाला उफान पर है।
गंडक नदी और जंगल के पानी के तेज बहाव से गांव तक पहुंचने वाला कच्चा जंगली मार्ग पिछले तीन दिनों से चार से पांच फीट पानी में डूबा हुआ है। इसके साथ ही बाढ़ का पानी आस पास के गांव में भी तेज़ी से फैल रहा है। वहीं बाढ़ प्रभावित शीतला देवी ने बताया कि घर में पानी घुसने से जलावन भीग गया है, जबकि कई परिवारों का राशन और अनाज भी खराब होक़र बाढ़ में बह गया है। लिहाजा भोजन बनाने में भारी परेशानी हो रही है।
बाढ़ पीड़ितों ने कहा है कि गांव के अधिकांश घरों में एलपीजी गैस सिलेंडर नहीं है, इसलिए कई परिवार खाना नहीं बना पा रहे हैं। कुछ घरों में बमुश्किल भोजन तैयार हो रहा है, वहीं से अन्य परिवारों को एक समय का खाना मिल रहा है। निचले इलाकों में बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि अब तक प्रशासन की कोई टीम गांव की स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंची है। इस सम्बन्ध में बगहा 2 अंचलाधिकारी (सीओ) वसीम अकरम ने बताया है कि संबंधित इलाके में पानी घुसने की सूचना मिली है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने निचले औऱ संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील किया है, क्योंकि गंडक नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ सकता है। सीओ नें दूरभाष पर बताया है कि स्थिति से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। जिला प्रशासन से सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) समेत अन्य राहत सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ।
बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट





















