ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर रातों रात बना दिया चचरी का पुल, मगरमच्छ ने सिस्टम से लड़ना सीखा दिया
बगहा में नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिरिसिया से होकर गुजरने वाली भपसा नहर में मगरमच्छों द्वारा लगातार हो रहे हमलों के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार की रात चंदा इकट्ठा कर श्रमदान से नहर के ऊपर चचरी पुल का निर्माण क़र अनोखी मिसाल क़ायम की है।

बड़ी ख़बर बगहा से है, जहां नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिरिसिया से होकर गुजरने वाली भपसा नहर में मगरमच्छों द्वारा लगातार हो रहे हमलों के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार की रात चंदा इकट्ठा कर श्रमदान से नहर के ऊपर चचरी पुल का निर्माण क़र अनोखी मिसाल क़ायम की है। इस पुल निर्माण में वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा समेत गुड्डू ठीकेदार ने भी सहयोग किया है। तब जाकर रातों रात सिस्टम से थक चुके ग्रामीणों को सफलता मिली है।
दरअसल बरसात के कारण जलभराव के बाद गंडक नदी से पानी के रास्ते कई मगरमच्छ इलाके की सहायक नहरों, नालों औऱ छोटी नदियों में पहुंचकर रिहायशी क्षेत्र के लोगों को जान माल का नुकसान पहुंचा रहें हैं। लिहाजा वन विभाग औऱ प्रशासन से गुहार लगाक़र थक चुके हैं। ग्रामीणों नें सिस्टम को आईना दिखाते हुए महज़ एक दिन में कच्चे पुल का निर्माण किया है ताकि आवाजाही में दिक्क़त न हो।
बताया जा रहा है कि इलाके में लगातार बारिश होने के बाद भपसा नहर में कमर तक पानी भरा है और नहर के दूसरी तरफ हजारों किसानों की खेती पड़ी है। धान के फसल की रोपाई समेत उसके निराई के लिए नहर के ऊपर पुल नहीं होने के कारण इसको हर रोज़ पानी के बीच जिंदगी औऱ मौत से होकर पार कर जाना पड़ता था।
इसी दौरान 20 जुलाई को मगरमच्छ ने एक किसान केदार बैठा को अपना निवाला बना लिया। वहीं रविवार की सुबह भी मगरमच्छ ने नहर पार कर रहे एक महिला पर हमला कर दिया था जिसमें महिला बुरी तरह जख्मी हो गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने विधायक से मुलाकात की और नहर पर पुल बनाने की मांग रखी।
ख़ास बात यह है की बरसात बाढ़ में सरकारी स्तर पर तत्काल कोई भी पुल निर्माण नहीं हो सकता है इसलिए विधायक ने फिलहाल भविष्य में इस तरह की घटना से बचने के उद्देश्य से चचरी पुल बनाने की सलाह दी और उसके लिए बजाप्ता आर्थिक तौर पर मदद भी दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने भी अपने स्तर से चंदा जुटाया और रातों रात भपसा नहर पर चचरी पुल बना दिया।
इस संबंध में वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि दो हफ्ते के भीतर लगातार मगरमच्छों के हमले में एक किसान की जान चली गई और एक महिला घायल हो गई। ऐसे में तत्काल स्थाई पुल बनवाना संभव नहीं था लिहाजा मेरे द्वारा उस नहर के ऊपर चचरी पुल बनवाने के लिए आर्थिक मदद दी गई ताकि किसानों को जंगली नहर का पानी पार न करना पड़े और भविष्य में खेती बारी करने जाने के समय मगरमच्छ के हमलों से बचा जा सके।
वहीं इस मामले में VTR के मदनपुर वन क्षेत्र के रेंजर नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि भपसा नाला तिरहुत कैनाल से जुड़ा हुआ है, जिसमें गहरा पानी है। लिहाजा इसमें गंडक नदी से बाढ़ बरसात के दिनों में मगरमच्छ आ जाते हैं। इन मगरमच्छों की संख्या का अंदाजा लगाना मुश्किल है। लेकिन 20 जुलाई को जब पहली बार किसान पर मगरमच्छ ने हमला किया तो वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया था लेकिन सफलता नहीं मिली। उसके बाद से वन विभाग की टीम लगातार ग्रामीणों से अपील कर रही है कि भपसा नहर को पार न करें।
बता दें कि रविवार को भी नहर पार करने के दौरान महिला पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया जिसमें वह घायल हो गई। फिलहाल उस नहर पर ग्रामीणों द्वारा चचरी पुल बना दिया गया है जों अच्छी पहल है । उन्होंने आगे बताया कि वन विभाग द्वारा शीघ्र ही पूरी प्रक्रिया के बाद मगरमच्छ के हमले में मृत किसान के परिजनों को मुआवजा स्वरूप 10 लाख की राशि मुहैया कराई जाएगी जबकि घायल महिला को भी जांच पड़ताल कर इलाज हेतु मुआवजा दिया जाएगा ।
बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट











