ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक पर पत्थर-अंडे से हमला, कपड़े फाड़े, हेलमेट पहनाकर पुलिस ने बचाई जान

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ है। विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ित लोगों से मिलने के लिए गए थे, जहां स्थानीय लोगों ने उन पर अंडे और पत्थरों से हमला कर दिया।

ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक पर पत्थर-अंडे से हमला, कपड़े फाड़े, हेलमेट पहनाकर पुलिस ने बचाई जान
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: May 30, 2026, 6:00:00 PM

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ है। विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ित लोगों से मिलने के लिए गए थे, जहां स्थानीय लोगों ने उन पर अंडे और पत्थरों से हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट भी की है।  स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाई।  उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तुरंत हेलमेट पहनाया गया। इसके बाद सुरक्षा घेरे के बीच वहां से बाहर निकाला गया। 

दरअसल दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे सांसद अभिषेक बनर्जी को स्थानीय निवासियों और उग्र भीड़ के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा।  देखते ही देखते हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि स्थानीय लोगों ने टीएमसी सांसद पर हमला कर दिया, जिसके बाद वहां भारी भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों ने उन पर अंडे और पत्थरों से हमला कर दिया गया। वहीं, इस दौरान अभिषेक बनर्जी के साथ खींचतान भी हुई। हालांकि, अभिषेक बनर्जी सुरक्षाकर्मियों के साथ थे और उन्होंने हेलमेट पहना हुआ था। 

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने न केवल अभिषेक बनर्जी पर हमला किया और अंडे फेंके, बल्कि उनके कपड़े भी फट गए। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि सुरक्षा के लिए उन्हें हेलमेट पहनना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप था कि जब वे सालों तक हिंसा और सिंडिकेट राज से पीड़ित थे, तब कोई सुध लेने नहीं आया और अब राजनीतिक जमीन खिसकने के बाद यहां केवल राजनीति चमकाने के लिए आया जा रहा है।

वहीं अभिषेक बनर्जी ने अपने पर हुए हमले के बाद बीजेपी पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने अपनी स्थिति दिखाते हुए कहा-यह सब पूरी तरह से बीजेपी द्वारा प्रायोजित है। आप खुद देख सकते हैं कि आज मेरा क्या हाल किया गया है। यह इनके लोकतंत्र का असली नमूना है। सबसे बड़ी बात यह है कि मौके पर कहीं भी कहीं भी पुलिस दिखाई नहीं दे रही थी। उन्होंने कहा कि एक महीना हुआ नहीं। पुलिस कहीं नहीं है। किसी ने पीछे से मारा। पुलिस को बार बार बोलने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।