बिहार विधानसभा में गुरुवार को मानसून सत्र के चौथे दिन कार्यवाही शुरू होते ही सदन में भारी हंगामा देखने को मिला। नीट पेपर लीक और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सदन में हाथापाई की नौबत तक आ गई। धक्का-मुक्की की नौबत आने पर मार्शलों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
दरअसल पटना में बुधवार को छात्रों पर लाठीचार्ज और प्रदर्शन को लेकर गुरुवार को विधानसभा में सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। दोनों ओर से विधायक एक दूसरे की ओर अंगुली दिखाई हुए आगे बढ़े। मार्शलों ने आकर बीच-बचाव किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।
भाजपा विधायक श्याम बाबू ने आरोप लगाया कि बुधवार को डाकबंगला चौराहे पर जो हमलावर थे, वे छात्र नहीं थे, बल्कि गुंडा थे। विपक्ष के सदस्यों ने इसका पुरजोर विरोध किया। वे दोबारा वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ विधायकों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की नौबत भी आ गई। हालात बिगड़ते देख मार्शलों को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। हंगामे के दौरान दोनों पक्षों के कुछ विधायक एक-दूसरे को बाहर चलकर देख लेने की धमकी भी देते नजर आए।
इस तरह दोनों ओर से बहस और बढ़ती गई। लगातार बढ़ते हंगामे और हाथापाई जैसी स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने दोनों पक्षों को कड़ी फटकार लगाई। स्पीकर प्रेम कुमार ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह सदन है, कोई युद्ध का मैदान नहीं। उन्होंने विधायकों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था। अंत में स्पीकर ने दोपहर 2 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। भारी हंगामे के बीच स्पीकर प्रेम कुमार ने दोपहर दो बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। पहली पाली में महज 8 मिनट ही सदन की कार्यवाही चल सकी।
इससे पहले छात्रों के ऊपर पुलिसिया बर्बरता का आरोप लगाकर विपक्ष के सदस्यों ने विधानसभा परिसर में भी प्रदर्शन जबरदस्त प्रदर्शन किया। हाथों में पोस्टर लेकर विपक्ष के विधायक सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। विपक्षी सदस्य पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। विपक्ष के सदस्य विधानसभा मुख्य द्वार के सामने धरना पर बैठे थे। सदन के अंदर और बाहर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच विधानसभा की कार्यवाही महज 8 मिनट बाद ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
बता दें कि विपक्षी विधायक नीट पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ सरकार को घेर रहे हैं। इससे पहले विपक्षी विधायक विधानसभा परिसर के बाहर बैनर-पोस्टर लेकर धरने पर बैठे और 'भाजपा हटाओ, शिक्षा बचाओ' जैसे नारे लगाए। विपक्षी विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की। इस्तीफे की मांग को लेकर भारी बवाल किया था। इस दौरान कुछ विधायकों की गाड़ी को निशाना बनाया गया और उनमें तोड़फोड़ भी की गई। इस मामले में 500 अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है जबकि 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं बीजेपी विधायक श्याम बाबू यादव ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उन पर और उनके सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया गया। उन्होंने कहा-कल मेरी हत्या हो जाती। वे सभी राजनीतिक दलों के गुंडे थे।