नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दिल्ली से पटना लौटते ही सम्राट सरकार और पीएम मोदी पर जमकर बरसे। सीवान में छात्रों पर AK-47 से फायरिंग को लेकर पुलिस तंत्र पर सवाल उठाए तो प्रधानमंत्री के ‘अर्बन नक्सल’ और ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर भी जमकर निशाना साधा। एनडीए में शराबबंदी को लेकर मचे घमासान पर तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा-बिहार में शराबबंदी पूरी तरह विफल हो चुकी है। साथ ही शराबबंदी को सत्ता पक्ष का रैकेट बता दिया।
शराबबंदी पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा-राज्य में शराबबंदी पूरी तरह से विफल हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में शराबबंदी के नाम पर असल में सत्ता पक्ष में बैठे लोगों का ही एक बड़ा रैकेट चल रहा है। वहीं इस कानून की समीक्षा के सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि यह सवाल विपक्ष से नहीं बल्कि बिहार के मुख्यमंत्री से पूछा जाना चाहिए।
सीवान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए AK-47 गोलीकांड मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने पुलिस तंत्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा-घटना के बाद बिहार का पुलिस तंत्र सवालों के घेरे में है। तेजस्वी यादव ने कहा-इस मुद्दे पर उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राजभवन मार्च का ऐलान किया है। तेजस्वी ने कहा कि जिस तरह से छात्रों पर गोलियां चलाई गईं, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने आम जनता, छात्रों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस मार्च में भारी संख्या में पहुंचे ताकि वे राज्यपाल से मिलकर अपना मांग पत्र (ज्ञापन) सौंप सकें।
प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से दिए गए भाषण में ‘अर्बन नक्सल’ और ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या वर्ग सरकार को सच्चाई दिखाता है, उसे तुरंत कोई न कोई ठप्पा लगा दिया जाता है-किसान आंदोलन करें तो उन्हें खालिस्तानी कह दिया जाता है और अन्य आंदोलनों पर अलग-अलग टैग दिए जाते हैं। तेजस्वी ने कहा कि यह बयान सीधे तौर पर देश के छात्रों और युवाओं को निशाना बनाकर दिया गया है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री को इस बयान पर स्थिति साफ (क्लैरिफाई) करनी चाहिए और देश के युवाओं व छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि बिहार को 'पुलिसिया स्टेट' की तर्ज पर चलाने की इजाजत किसी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र अपने हक की आवाज उठा रहे थे, लेकिन उन पर बंदूकें तान दी गईं। जब तक इस पूरे कांड के असली दोषियों, जिम्मेदार अधिकारियों और आदेश देने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक विपक्षी गठबंधन और आरजेडी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रखेगी। तेजस्वी यादव ने मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की कमी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात और शिकायत के बावजूद अब तक इस मामले में किसी वरिष्ठ अधिकारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। न तो संबंधित एसपी (SP) का निलंबन हुआ और न ही किसी मुख्य आरोपी पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सिर्फ मामले की लीपापोती करने और जनता को दिखाने के लिए निचले स्तर के पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है, जो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।