भाई-बहन का एक साथ सरकार पर बड़ा हमला, PM मोदी के पासपोर्ट की जांच होनी चाहिए, बोले-तेजस्वी-रोहिणी...

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने एक साथ मिलकर बिहार की सम्राट सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधा है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 13, 2026, 3:47:00 PM

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने एक साथ मिलकर बिहार की सम्राट सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधा है। राज्य में हत्या, बलात्कार, अपहरण, लूट और चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सरकार अपराध पर नियंत्रण करने के बजाय अपनी नाकामी स्वीकार नहीं कर रही। वहीं राजद नेत्री रोहिणी आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया 'X'पर पोस्ट कर पीएम मोदी के पुराने दावों पर सवाल उठाए। साथ ही पासपोर्ट की जांच कराने की मांग करते हुए कहा- सच्चाई सामने आ जाएगी।

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है-बिहार की क़ानून व्यवस्था बदहाल है। चारों तरफ हत्या, बलात्कार, अपहरण, लूट और चोरी की घटनाएं हो रही है लेकिन सरकार अपना जुर्म क़ुबूल करने को तैयार ही नहीं है। सरेआम छात्रों, युवाओं, व्यवसायियों, आम नागरिकों और महिलाओं की हत्या की जा रही है। पुलिस और अपराधियों का नापाक गठजोड़ बिहारवासियों के लिए नासूर बन चुका है। एनडीए नेताओं-पुलिस और माफ़ियाओं की संधि भ्रष्टाचार और शराब की तस्करी में व्यस्त और मस्त है। विधि व्यवस्था की किसी को परवाह नहीं।

वहीं रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया 'X' पर पोस्ट कर पीएम मोदी के पुराने दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा है-एक ही समय कई जगहों पर कई रूपों में प्रकट हो गए मोदी जी ..?टेलीप्रॉम्प्टर जीवी , पर्ची-परिधान पसंद प्रधानमंत्री जी के पासपोर्ट की जांच होनी चाहिए, पता चल जाएगा कि ३० साल पहले न्यूजीलैंड गए थे या फिर एक नया झूठ बोल रहे हैं ? इनकी लफ्फाजी को जोड़ कर देखा जाए तो इनके कहे का कोई तार यथार्थ व्  किसी तार्किक कालखंड से नहीं जुड़ता ..

रोहिणी आगे लिखती है-कब चाय बेची, कब भीख मांगी, कब हिमालय में अज्ञातवास में रहे, कब विदेश-भ्रमण कर लिया, कब पढाई कर ऐसी डिग्री ले ली जो दुनिया में किसी ने नहीं ली, कब बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई लड़ ली !! सब घोर मठ्ठा ( क्रमभंग ) हुआ दिखता है.. कहीं ऐसा तो नहीं कि एक ही साथ , एक ही समय पर अलग-अलग रूप धारण कर अलग-अलग जगहों पर प्रकट हो कर वो सब कर लिया, जो कोई और नहीं कर सकता .. इनके लिए कुछ भी संभव है नॉन-बायोलॉजिकल जो ठहरे !!

वहीं एक अन्य ट्वीट में रोहिणी आचार्य ने न्यू करबिगहिया के बंटी यादव हत्याकांड को लेकर सरकार और पुलिस पर निशाना साधा है। रोहिणी ने एक्स पर लिखा है-सम्राट सरकार आम नागरिकों के साथ-साथ उन नागरिकों को भी सुरक्षा देने में नाकाम है जो गलत के खिलाफ खड़े होते हैं...राजधानी पटना के न्यू करबिगहिया इलाके के युवक बंटी यादव की निर्मम हत्या के साथ बेख़ौफ़ अपराधियों ने सम्राट सरकार और बिहार की पुलिस को एक दफा फिर से चुनौती दे डाली है "आ देखें जरा तुम में कितना है दम.. ये है हमारा बिहार है, यहां हर दिन, हर घंटे घटती है, दर्जनों आपराधिक घटनायें और पुलिस का काम यहां सिर्फ घटना के बाद पहुंचना और जांच के नाम पर झूठी लाठी पीटना है...

रोहिणी ने आगे लिखा है-पटना के न्यू करबिगहिया के रहने वाले बंटी यादव की बेरहमी से की गई हत्या और हत्या से पहले पटना जंक्शन जैसे बेहद व्यस्त इलाके से उनका सरेआम अपहरण, निश्चित रूप से बिहार की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है।  पटना का महावीर मंदिर और पटना जंक्शन इलाका हमेशा पुलिस और आम जनता की भारी मौजूदगी से घिरा रहता है। ऐसे अति-व्यस्त सार्वजनिक स्थान से सात-आठ अपराधियों द्वारा एक युवक को जबरन ऑटो में बिठाकर अगवा कर लेना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में पुलिस या कानून का रत्ती भर भी खौफ नहीं बचा है और सम्राट सरकार का इकबाल पूरी तरह से ख़त्म हो चुका है। 

परिजनों के द्वारा घटना के तुरंत बाद शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने शुरुआती समय में वह तत्परता नहीं दिखाई जो एक अपहरण के मामले में दिखानी चाहिए थी। अपहरण की पूरी वारदात पास के सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में साफ तौर पर कैद थी। अगर पुलिस समय रहते वैज्ञानिक और त्वरित तकनीकी अनुसंधान (जैसे तुरंत नाकेबंदी या लोकेशन ट्रेसिंग) करती, तो शायद बंटी की जान बचाई जा सकती थी।  

बंटी का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने इलाके में चल रहे अवैध देह व्यापार (सेक्स रैकेट) का पुरजोर विरोध किया था। जब समाज का कोई आम नागरिक किसी अपराध के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसकी सुरक्षा करना राज्य के कानून-व्यवस्था तंत्र की जिम्मेदारी होती है। बंटी की हत्या ने यह साबित कर दिया कि सम्राट सरकार आम नागरिकों के साथ-साथ उन नागरिकों को भी सुरक्षा देने में नाकाम है , जो गलत के खिलाफ खड़े होते हैं।