RJD में तेजी से बढ़ा कद, फिर तेजस्वी को क्यों छोड़ा? बीजेपी के लिए क्यों अहम हैं रितु जायसवाल

तेजस्वी यादव का साथ छोड़कर आरजेडी की पूर्व नेता रितु जायसवाल मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गई। बिहार की राजनीति में इसको एक अहम राजनीतिक बदलाव माना जा रहा है। चर्चा यह भी है कि भाजपा के लिए रितु जायसवाल अहम क्यों हैं।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 26, 2026, 5:47:00 PM

तेजस्वी यादव का साथ छोड़कर आरजेडी की पूर्व नेता रितु जायसवाल मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गई। पटना में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। बिहार की राजनीति में इसको एक अहम राजनीतिक बदलाव माना जा रहा है। रितु को तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता था। आरजेडी का बड़ा चेहरा थी। पार्टी में कद भी तेजी से बढ़ा। अब तेजस्वी यादव की करीबी नेता बीजेपी में शामिल हो गए है। चर्चा यह भी है कि भाजपा के लिए रितु जायसवाल अहम क्यों हैं।  

आरजेडी ने 2020 के विधानसभा चुनाव में रितु जायसवाल को परिहार सीट से उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता और फिर महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। 2024 के लोकसभा चुनाव में राजद ने उन्हें शिवहर सीट से मैदान में उतारा। उन्होंने करीब 4.74 लाख वोट हासिल किए, लेकिन लगभग 29 हजार मतों से हार गईं। हालांकि 2025 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद राजद ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था।

वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी उन्हें अपने साथ जोड़कर वैश्य समाज और महिला वोटरों के बीच पकड़ मजबूत करना चाहती है। महिला वोट बैंक, पंचायत स्तर की मजबूत पकड़ और मिथिलांचल क्षेत्र में सक्रियता को देखते हुए भाजपा के लिए रितु जायसवाल का शामिल होना अहम माना जा रहा है। सीतामढ़ी, शिवहर और आसपास के इलाकों में युवाओं और महिलाओं के बीच उनकी अच्छी लोकप्रियता मानी जाती है। कहा जा रहा है कि बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है।

बता दें कि रितु जायसवाल आरजेडी की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष थीं और 2020 में परिहार सीट से बेहद मामूली अंतर से चुनाव हारी थीं। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काटकर रामचंद्र पूर्वे की बहू को उम्मीदवार बना दिया था। इस फैसले से नाराज होकर रितु जायसवाल ने बगावती तेवर अपनाए और परिहार सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गईं।  निर्दलीय लड़ने के बावजूद उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए  65 हजार वोट हासिल किए और आरजेडी उम्मीदवार को तीसरे स्थान पर धकेल दिया था। इस बगावत के बाद आरजेडी ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था।

वहीं बीजेपी में शामिल होने के बाद ऋतु जायसवाल ने कहा कि आज वह पूरी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ पार्टी में शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी राष्ट्रहित की राजनीति करती है और देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वे राष्ट्रहित और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की बात करते हैं।