RJD से निष्कासित रितु जायसवाल BJP में शामिल, संजय सरावगी ने दिलाई सदस्यता, तेजस्वी यादव को बड़ा झटका

आरजेडी की पूर्व नेता रितु जायसवाल मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गई। उन्हें बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने सदस्यता दिलाई। इस मौके पर मंत्री दिलीप जायसवाल भी मौजूद रहे।

आरजेडी की पूर्व नेता रितु जायसवाल मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गई। उन्हें बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने सदस्यता  दिलाई। इस मौके पर मंत्री दिलीप जायसवाल भी मौजूद रहे। रितु जायसवाल के बीजेपी में शामिल होने से तेजस्वी यादव के लिए बड़ा झटका  माना जा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की तेजतर्रार नेता और कभी लालू-तेजस्वी यादव की करीबी मानी जाने वाली रितु जायसवाल आरजेडी में बड़ा चेहरा थीं। रितु जायसवाल ने बीजेपी में शामिल होने की औपचारिक घोषणा 24 मई को की थी। आरजेडी छोड़कर रितु जायसवाल के साथ कई अन्य नेता भी बीजेपी में शामिल हुए।

रितु जायसवाल के अलावे प्रोफेसर राजमणि, सीमा जायसवाल, माया गुप्ता, शकुंतला प्रजापति, संगीता यादव, सुलेखा खातून, पानो देवी, अनिल महतो और शिवशंकर भी बीजेपी में शामिल हुए। बीजेपी में शामिल होने के बाद ऋतु जयसवाल ने कहा कि आज वह पूरी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ पार्टी में शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी राष्ट्रहित की राजनीति करती है और देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वे राष्ट्रहित और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की बात करते हैं।  

साथ ही रितु जायसवाल ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि उनके पुराने वीडियो सामने लाकर उन्हें ट्रोल किया जा सकता है, लेकिन वह डरने वाली नहीं हैं।  उन्होंने कहा कि जब उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था, तब उन्हें बागी कहा गया था। इसके बावजूद उन्होंने करीब 65 हजार वोट हासिल किए थे। 

बता दें कि रितु जायसवाल आरजेडी की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष थीं और 2020 में परिहार सीट से बेहद मामूली अंतर से चुनाव हारी थीं। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काटकर रामचंद्र पूर्वे की बहू को उम्मीदवार बना दिया था। इस फैसले से नाराज होकर रितु जायसवाल ने बगावती तेवर अपनाए और परिहार सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गईं।  निर्दलीय लड़ने के बावजूद उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए  65 हजार वोट हासिल किए और आरजेडी उम्मीदवार को तीसरे स्थान पर धकेल दिया था। इस बगावत के बाद आरजेडी ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। 

बताते चलें कि रितु जायसवाल 2016 में मुखिया बनी थी और उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों को लेकर अपने क्षेत्र में बहुत काम किया। इसके कारण चर्चा में आ गई।  मुखिया के रूप में उन्हें कई पुरस्कार भी मिले। राष्ट्रीय स्तर पर भी पुरस्कार मिलने से राजनीतिक दलों की उनपर नजर गई।  राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण पहले जदयू में शामिल हुईं, फिर आरजेडी में शामिल हुईं।  2020 विधानसभा चुनाव में राजद ने परिहार विधानसभा से उन्हें चुनाव भी लड़ाया। 1549 वोटों से बीजेपी की गायत्री देवी से चुनाव हार गयीं। आरजेडी ने 2024 में शिवहर लोकसभा से चुनाव लड़ाया, लेकिन वहां भी सफलता नहीं मिली।  लवली आनंद से 29143 वोटों से हार गईं।