जरा ध्यान से देखिये इस वीडियो को। ये को साधारण महिला नही है, ये भाजपा की एमएलसी अनामिका सिंह पटेल है और बिहार की जानीमानी शिक्षाविद है। लेकिन, इनके साथ पटना पुलिस ने जो बदतमीजी की है वो आश्चर्यजनक है। मामला कांग्रेस के सदाकत आश्रम के सामने प्रदर्शन के दिन का है। प्रदर्शन खत्म हो चुका था। सभी अपने अपने घर जा रहे थे।
भाजपा नेत्री भी अपने गाड़ी की तरफ बढ़ी लेकिन तभी पटना पुलिस ने उन्हें घेर लिया। प्रशिक्षु आईपीएस कोमल मीणा ने बिना कुछ जाने समझे उनसे उलझ गई, उन्हें आगे अपनी गाड़ी की तरफ नहीं जाने दिया। एमएलसी से इस तरह बदतमीजी कर रही थी जैसे वो कोई अपराधी हो। सड़कछाप की तरह चिल्ला कर शोर कर रही थी। हालांकि उस समय अनामिका सिंह पटेल भी पलट कर जबाब दे सकती थी लेकिन उन्होंने अपने बुद्धिमता और सौम्यता का परिचय देते हुए दूसरे रास्ते से जाने लगी।
इसके बावजूत एसपी कोमल मीणा पीछे से शोर कर रही थी, इस बदतमीजी में पाटलिपुत्र थाना प्रभारी अतुलेश सिंह भी शामिल थे। यही नही सब-इंस्पेक्टर अर्चना कुमारी ने तो ऐसे हाथ पकड़ा कि एमएलसी के हाथ पर दाग आ गए। इस घटना से आहत अनामिका सिंह पटेल ने बस इतना ही ही कहा कि मैं वर्दी और संविधान का सम्मान करती हूं।
वहीं, जब एमएलसी विधान परिषद के मानसून सत्र में शामिल होने गई तो विपक्ष के नेता सुनील कुमार सिंह ने पुरी परिषद को इससे अवगत कराया और सभापति अवधेश नारायण सिंह के समक्ष पूरी जानकारी दी और बताया कि अनामिका सिंह का व्यवहार कितना संस्कारी रहता है। सभापति ने इसे गम्भीरता से लिया है और इसपर कार्रवाई करने की भी बात कही है।
अनूप नारायण सिंह