बिहार विधानसभा मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू, विपक्ष का जोरदार हंगामा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, भारी बवाल..

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 20, 2026, 11:24:00 AM

बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो गया। पांच दिनों तक चलने वाला यह सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। सत्र के पहले दिन से ही सदन के अंदर और बाहर सियासी गर्मी देखने को मिली। सत्र के पहले दिन विपक्ष ने जमकर हंगामा किया है।  नीट पेपर लिक के विरोध में आज विपक्ष के तमाम विधायक विधानसभा मार्च और हंगामा करते हुए सत्र में भाग लेने पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत सरकार के सभी प्रमुख मंत्री और सत्तापक्ष के विधायक विधानसभा पहुंचे। 

सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा किया। विपक्ष के विधायक अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से शांत रहने की अपील की और सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने का आग्रह किया। इससे पहले विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विधायकों के हाथों में पोस्टर और तख्तियां थीं, जिन पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर नारे लिखे हुए थे। 

विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा परिसर में विपक्षी नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी आवाज बुलंद की। राजद के विधायकों और विधान पार्षदों ने विधानसभा परिसर में पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान आरजेडी नेताओं के हाथों में अलग-अलग मुद्दों को लेकर लिखी हुई तख्तियां थीं और वे सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। नीट पेपर लीक मामले में विपक्ष के विधायकों ने पैदल मार्च किया। विधायकों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। नरेंद्र मोदी हाय-हाय, धर्मेंद्र प्रधान हाय-हाय के नारे लगाए जा रहे हैं। 

 आरजेडी नेताओं के हाथों में मौजूद तख्तियों पर "वोट चोरी", बेरोजगारी, महंगाई और अन्य मुद्दों को लेकर सवाल लिखे हुए थे। इसके साथ ही बिहार विधानसभा परिसर में मॉब लिंचिंग के खिलाफ भी प्रदर्शन किया गया। पोस्टर में अल्पसंख्यक के खिलाफ मॉब लिंचिंग बंद करने की मांग की गई। विपक्ष के विधायक का मानना है कि नीट पेपर लीक में सरकार कई हम लोगों को बचा रही है जिनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसी के मांग को लेकर आज तमाम विधायक विरोध करते हुए विधानसभा पहुंचे है।

बता दें कि मानसून सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। इसके अलावा सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को भी सदन में लाने की तैयारी कर चुकी है। सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के कामकाज और जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। एक ओर सरकार अनुपूरक बजट और कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन पहुंचा।

बिहार विधानसभा का यह मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सत्ता पक्ष भी अपने कामकाज और उपलब्धियों को जनता के सामने रखने की रणनीति बना चुका है। मानसून सत्र में विपक्ष बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है। विपक्ष की ओर से कई मामलों पर सरकार से जवाब मांगे जाने की संभावना है।

बतातें चलें कि विधानमंडल मानसून सत्र में 5 बैठकें होंगी। दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया जाएगा। 21-22 को राजकीय विधेयक पेश होंगे। पहले दिन 20 जुलाई को राज्यपाल से मंजूर अध्यादेश पटल पर रखे जाएंगे। वित्त मंत्री विजेन्द्र यादव चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली अनुपूरक व्यय विवरणी पेश करेंगे। 21 और 22 जुलाई, दो दिन राजकीय विधेयक और अन्य कार्य होंगे। 23 जुलाई को अनुपूरक व्यय विवरणी पर बहस होगी और विनियोग विधेयक पेश होगा। आखिरी दिन गैर सरकारी संकल्प लाए जाएंगे। सत्र के दौरान सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले विधेयकों को लेकर सदन में महत्वपूर्ण विधायी कामकाज होने की संभावना है।