बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। मानसून सत्र के तीसरे दिन सत्ता पक्ष ने नेता प्रतिपक्ष की गैरहाजिरी पर विपक्ष को घेरा। कहा-नेता प्रतिपक्ष बजट सत्र की तरह मानसून सत्र से भी गायब हैं। वहीं गांवों में लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइट को लेकर सदन में जमकर बहस देखने को मिली। सत्ता पक्ष भी आमने-सामने आ गए। बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा ने सदन में पंचायती मंत्री दीपक प्रकाश को चुनौती दे दी। आप चलें हमारे साथ...कब चलेंगे हमें बता दीजिए।
दरअसल बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन जदयू विधायक श्याम रजक ने पंचायती राज विभाग की ओर से लगाए गए सोलर लाइटों की स्थिति पर सवाल उठाया और कहा कि राज्य के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में सोलर लाइट खराब पड़ी हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 70 प्रतिशत सोलर लाइट अब काम नहीं कर रही हैं, जिससे गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है।
श्याम रजक के सवाल का जवाब देते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि सदस्य द्वारा उठाया गया मुद्दा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि सभी जगह 70 प्रतिशत लाइट बंद हैं, लेकिन कई जगहों पर सोलर लाइट खराब होने की शिकायतें जरूर मिली हैं। मंत्री के जवाब के बाद भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब खुद सदन में जदयू विधायक ने 70 प्रतिशत लाइट खराब होने की बात कही है और विभागीय आंकड़ों में भी बड़ी संख्या में लाइटों के खराब होने की बात सामने आ रही है, तो फिर मंत्री इसे स्वीकार करने से क्यों बच रहे हैं।
जीवेश मिश्रा ने कहा कि विभाग के अनुसार 11.50 लाख सोलर लाइटों के मुकाबले बड़ी संख्या में लाइटें लगाई गई हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि अगर 50 प्रतिशत लाइटें भी बंद हैं तो सरकार को इसे स्वीकार करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मंत्री दीपक प्रकाश को चुनौती देते हुए कहा कि वह उनके साथ क्षेत्र में चलकर जांच कर लें कि कितनी सोलर लाइटें वास्तव में जल रही हैं और कितनी खराब पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की टीम अगर मौके पर जाकर जांच करेगी तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। इसके जवाब में मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि अगर किसी क्षेत्र में सोलर लाइट खराब है तो उसकी जानकारी विभाग को दी जाए। उन्होंने कहा कि 19 अगस्त तक शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा।
बता दें कि श्याम रजक ने सदन में यह भी कहा कि पंचायती राज विभाग की ओर से गांव-गांव में सोलर लाइट लगाने के लिए टेंडर निकाला गया था, लेकिन कई जगहों पर संवेदक काम पूरा करने के बाद पैसा लेकर गायब हो गए। इसके कारण खराब हो चुकी लाइटों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। उन्होंने मांग की कि खराब पड़ी सभी सोलर लाइटों की जांच कराकर उन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त कराया जाए। श्याम रजक के सवाल का जवाब देते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि कोई भी एजेंसी सरकार का पैसा लेकर फरार नहीं हुई है। जिन एजेंसियों को सोलर लाइट लगाने और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है, उनके काम की लगातार समीक्षा की जा रही है। जहां भी लापरवाही सामने आती है, वहां संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।