बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव में कई सीटों पर बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। जिसमें बीजेपी की मजबूत गढ़ मानी जाने वाली पटना शिक्षक की सीट भी शामिल हैं। इस सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रत्याशी नवल किशोर यादव हार गए हैं और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने बड़ी जीत हासिल की है। वहीं, पटना स्नातक सीट से जेडीयू के नीरज कुमार ने अपना कब्जा बरकरार रखा। यहां मोकामा विधायक अनंत सिंह समर्थित अनुज सिंह हार गए हैं। जिसको लेकर उन्हें जेडीयू से भी निकाला गया।
दरअसल पटना शिक्षक सीट से BJP के नवल किशोर यादव करीब तीन दशक से विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। लेकिन इस बार RJD के डॉ. संजीव कुमार सिंह ने उन्हें हराकर सीट पर कब्जा कर लिया। उनके सामने बीजेपी के मौजूदा एमएलसी नवल किशोर यादव मैदान में थे। नवल किशोर यादव इस सीट से लगातार पांच जीत दर्ज कर चुके थे और उनका अनुभव तथा संगठनात्मक पकड़ मजबूत मानी जाती थी। लंबे समय से इस सीट पर प्रभाव रखने वाले चेहरे को हराकर डॉ संजीव ने शिक्षक मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ साबित की है।
वहीं पटना स्नातक निर्वाचन सीट से नीरज कुमार की जीत हो चुकी है। उन्होंने आरजेडी के उम्मीदवार दिलीप राय (या दिलीप पटेल) को हराया। अनंत सिंह समर्थित उम्मीदवार अनुज सिंह तीसरे नंबर पर रहे। नीरज कुमार की यह लगातार चौथी जीत है। नीरज कुमार ने अपनी जीत के लिए पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार और निशांत कुमार का धन्यवाद अदा किया और अपनी जीत का श्रेय कार्यकर्ताओं को दिया है। इस सीट पर मुकाबला काफी चर्चित रहा क्योंकि मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने पार्टी लाइन से हटकर जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। चुनाव परिणाम आने के बाद अनंत सिंह ने हार स्वीकार की।
बता दें कि बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव हुआ। इनमें 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी सीट शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण सीट शामिल है। इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। कुल 150 उम्मीदवार मैदान में थे।