यूनेस्को के नाम पर दुर्गा पूजा VIP पास बेचने का आरोप, पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायत

यूनेस्को के नाम पर दुर्गा पूजा VIP पास बेचने का आरोप, पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायत

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 09, 2026, 3:58:00 PM

कोलकाता में दुर्गा पूजा से जुड़ी एक कथित व्यावसायिक योजना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यूनेस्को (UNESCO) के नाम और प्रतीक चिह्न के कथित दुरुपयोग के आरोप में पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुछंदा सेन और कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि यूनेस्को की प्रतिष्ठा और मान्यता का हवाला देकर विशेष वीआईपी प्रवेश पासों की बिक्री की जा रही थी, जिससे लोगों को भ्रमित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी संस्था मेघदूत फाउंडेशन ने इस मामले को लेकर कोलकाता पुलिस आयुक्त, राज्य के पुलिस महानिदेशक तथा बहूबाजार थाने को विस्तृत शिकायत सौंपी है। संगठन के प्रतिनिधियों जयदीप मुखर्जी और सगुना मुखर्जी का कहना है कि दुर्गा पूजा शुरू होने से पहले चुनिंदा लोगों को पंडालों का विशेष अवलोकन कराने के नाम पर महंगे टिकट बेचने की योजना बनाई गई थी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिकायत प्राप्त हो चुकी है और शुरुआती स्तर पर इसकी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों की जांच के बाद ही यह तय होगा कि मामले में किन कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था की पहचान के अनुचित उपयोग जैसे पहलुओं की भी पड़ताल की जा सकती है।

शिकायत में इंद्रनील सेन और मधुछंदा सेन के अलावा ध्रुवज्योति बसु (शुभ), सयांतन मैत्रा और राजन चट्टोपाध्याय के नाम भी शामिल किए गए हैं। आरोप लगाने वालों का दावा है कि टिकटों के प्रचार-प्रसार में यूनेस्को की पहचान और उसके लोगो का इस्तेमाल किया गया, जबकि संबंधित गतिविधि से यूनेस्को का कोई अधिकृत संबंध नहीं था। समाचार लिखे जाने तक आरोपित पक्षों की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

मामले के समर्थन में शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को कई दस्तावेज, आधिकारिक पत्राचार और अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध कराए हैं। उनका कहना है कि उपलब्ध सामग्री से यह संकेत मिलता है कि यूनेस्को ने इस प्रकार की किसी टिकट आधारित गतिविधि या व्यावसायिक कार्यक्रम को मंजूरी नहीं दी थी। इसी आधार पर आरोप लगाया गया है कि संस्था की वैश्विक प्रतिष्ठा का उपयोग कर लोगों से धन लेने का प्रयास किया गया।

गौरतलब है कि कोलकाता की दुर्गा पूजा को यूनेस्को द्वारा अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) की सूची में शामिल किए जाने के बाद इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान काफी बढ़ी है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसी प्रतिष्ठा का लाभ उठाकर कुछ समूह विशेष सुविधाओं वाले दर्शनों के नाम पर आर्थिक फायदा कमाने की कोशिश कर रहे हैं। अब यह मामला पुलिस जांच के दायरे में है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।