पश्चिम एशिया संकट को लेकर केंद्र सरकार आज करेगी सर्वदलीय बैठक, नेताओं को दी जायेगी विस्तृत जानकारी

पश्चिम एशिया संकट को लेकर केंद्र सरकार आज करेगी सर्वदलीय बैठक, नेताओं को दी जायेगी विस्तृत जानकारी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 25, 2026, 1:32:00 PM

पश्चिम एशिया में लगातार गहराते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने राजनीतिक दलों को स्थिति से अवगत कराने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। यह बैठक आज शाम 5 बजे संसद परिसर में आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस दौरान विभिन्न दलों के नेताओं को मौजूदा हालात, ताजा घटनाक्रम और भारत की कूटनीतिक रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में इस संकट को असाधारण बताते हुए इसके दीर्घकालिक प्रभावों की आशंका जताई थी।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जिससे वैश्विक व्यापार, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली समुद्री आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके चलते ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव के साथ महंगाई को लेकर भी चिंता बढ़ी है। इन परिस्थितियों ने सरकार को सभी राजनीतिक पक्षों के साथ संवाद बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।

विपक्षी दल, विशेषकर कांग्रेस, इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केवल ब्रीफिंग तक सीमित रहने के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूर्ण बहस की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विदेश नीति को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए इसे कमजोर करार दिया, हालांकि उन्होंने बैठक बुलाने के फैसले का स्वागत भी किया। उन्होंने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण बैठक में शामिल न हो पाने की जानकारी दी।

यह सर्वदलीय बैठक एक दिन पहले हुई उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा के बाद आयोजित की जा रही है, जिसमें रक्षा मंत्री के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख और डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। इस बैठक में क्षेत्रीय हालात और भारत की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की गई थी।

बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह बैठक सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मानी जा रही है, जहां वह विभिन्न दलों को विश्वास में लेकर राष्ट्रीय हितों के अनुरूप रणनीति पर सहमति बनाने का प्रयास करेगी।