चक्रवात ‘मोंथा’ ने मचाया कोहराम, अगले 3 घंटे में इस स्थिति में पहुंचेगा चक्रवाती तूफान, रेड अलर्ट जारी

चक्रवात ‘मोंथा’ ने मचाया कोहराम, अगले 3 घंटे में इस स्थिति में पहुंचेगा चक्रवाती तूफान, रेड अलर्ट जारी

चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने मंगलवार की देर रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराते हुए लैंडफॉल कर लिया। अब यह तूफान तेलंगाना और उससे सटे क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से ओडिशा में तेज हवाएं चल रही हैं और कई राज्यों में भारी वर्षा का दौर जारी है। इसके चलते हवाई सेवाएं और रेल परिचालन प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात पिछले छह घंटों में लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ा है। 29 अक्टूबर 2025 की सुबह 5:30 बजे यह तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर केंद्रित था।

तूफान का केंद्र नरसापुर से 80 किमी उत्तर-पश्चिम, काकीनाडा से 100 किमी पश्चिम, मछलीपट्टनम से 90 किमी उत्तर, विशाखापट्टनम से 230 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम और गोपालपुर (ओडिशा) से लगभग 460 किमी दक्षिणपश्चिम में स्थित बताया गया। अगले तीन घंटों में इसके कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में और छह घंटों में डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई है।

वहीं, अरब सागर के मध्य क्षेत्र में बना एक और डिप्रेशन भी सक्रिय है। यह पिछले छह घंटों में लगभग 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ा और आज सुबह 5:30 बजे अपने केंद्र में स्थिर था। यह मुंबई से 410 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम, वेरावल (गुजरात) से 430 किमी दक्षिणपश्चिम, पणजी (गोवा) से 560 किमी पश्चिम-उत्तरपश्चिम, मेंगलुरु से 820 किमी उत्तरपश्चिम और अमिनीदिवी (लक्षद्वीप) से 850 किमी उत्तर-उत्तरपश्चिम में स्थित है। यह सिस्टम अगले 36 घंटों में उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ने का अनुमान है।

तूफान के खतरे को देखते हुए ओडिशा के मलकानगिरी, कोरापुट, रेयगड़ा, गजपति और गंजम जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु के चेन्नई, चेंगलपट्टु, कांचीपुरम, रानीपेट और तिरुवल्लूर में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। वहीं, आंध्र प्रदेश के विजयनगरम, विशाखापट्टनम, अनकापल्ली, काकिनाडा, यानम और वेस्ट गोदावरी जिलों में भी रेड अलर्ट लागू किया गया है।

इसके अतिरिक्त, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, ताकि लोगों को संभावित भारी वर्षा और तेज हवाओं से सतर्क किया जा सके।