RGSA मिशन को मजबूती, पंचायत प्रशिक्षण और योजना निर्माण के लिए निकली वैकेंसी

RGSA मिशन को मजबूती, पंचायत प्रशिक्षण और योजना निर्माण के लिए निकली वैकेंसी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 09, 2026, 2:50:00 PM

झारखंड सरकार ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में पंचायती राज निदेशालय ने पुनर्गठित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत राज्य स्तरीय तकनीकी सहायता तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए सहभागिता आधारित योजना निर्माण के विशेषज्ञ की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की है। चयनित अभ्यर्थी को रांची के हेहल स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान (सीटीआई) में कार्यरत किया जाएगा और उन्हें प्रतिमाह अधिकतम एक लाख रुपये का मानदेय प्रदान किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की तैयारी और क्रियान्वयन में स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाना है, ताकि योजनाएं वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें और उनका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी से संचालित एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसमें वित्तीय भागीदारी का अनुपात 60:40 निर्धारित है। योजना का लक्ष्य पंचायती राज संस्थाओं को प्रशासनिक, तकनीकी और प्रबंधकीय रूप से अधिक सक्षम बनाना है। झारखंड सरकार इस अभियान के माध्यम से राज्य, प्रमंडल और जिला स्तर के प्रशिक्षण ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने पर काम कर रही है।

नियुक्त होने वाला विशेषज्ञ पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों के लिए प्रशिक्षण रणनीति तैयार करेगा, जिसमें डिजिटल प्रशासन, वित्तीय अनुशासन और सुशासन से जुड़े विषयों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही पंचायतों की क्षमता वृद्धि के लिए दीर्घकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।

आवेदन के लिए निर्धारित योग्यता

इस पद के लिए उम्मीदवार का 10वीं, 12वीं, स्नातक और नियमित स्नातकोत्तर स्तर की शिक्षा पूरी होना आवश्यक है। स्नातकोत्तर परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य रखा गया है।

कार्य अनुभव के स्तर पर आवेदक के पास कुल 11 वर्षों का पेशेवर अनुभव होना चाहिए। इनमें न्यूनतम तीन वर्ष किसी राज्य के पंचायती राज विभाग या राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान (SIRD) से जुड़े कार्यों का अनुभव आवश्यक है।

इसके अलावा, उम्मीदवार को सहभागी योजना निर्माण की तकनीकों, ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार करने और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के प्रशिक्षण से संबंधित कार्यों का व्यावहारिक ज्ञान होना चाहिए। आयु सीमा 35 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है।

प्रशिक्षण, निगरानी और क्षमता निर्माण की अहम जिम्मेदारी

चयनित विशेषज्ञ राज्य पंचायत संसाधन केंद्र के अंतर्गत कार्य करेंगे। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में पंचायतों के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करना, प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करना, डिजिटल शिक्षण सामग्री विकसित करना और पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण तथा वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने के उपाय लागू करना शामिल होगा।

इसके अतिरिक्त जिला और प्रखंड स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी तथा उनके प्रभाव का मूल्यांकन भी इसी पद की जिम्मेदारी का हिस्सा रहेगा।

एक वर्ष का अनुबंध, प्रदर्शन के आधार पर विस्तार संभव

भर्ती प्रक्रिया पांच सदस्यीय चयन समिति की देखरेख में संपन्न होगी, जिसकी अध्यक्षता पंचायती राज निदेशालय के उप निदेशक करेंगे। नियुक्ति प्रारंभिक रूप से एक वर्ष की संविदा अवधि के लिए की जाएगी। हालांकि संतोषजनक कार्य प्रदर्शन की स्थिति में अनुबंध आगे बढ़ाया जा सकता है।

चयनित अभ्यर्थी को प्रतिवर्ष 12 दिनों का आकस्मिक अवकाश मिलेगा। इसके अलावा आधिकारिक यात्राओं के दौरान नियमानुसार यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पद ग्रामीण विकास और पंचायत सशक्तिकरण से जुड़े अनुभवी पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।