दक्षिणी छोटानागपुर प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) ने राष्ट्रीय परमिट का नवीकरण लंबित रखने वाले 147 व्यावसायिक वाहन मालिकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। परिवहन विभाग की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना में संबंधित वाहन स्वामियों को 15 दिनों के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे मालवाहक और व्यावसायिक वाहन चिन्हित किए गए जिनके राष्ट्रीय परमिट का नवीकरण वर्षों से लंबित है। सूची में शामिल कुछ वाहनों का परमिट 2017-18 से ही नवीकृत नहीं कराया गया है। इन मामलों में हजारों रुपये का कर बकाया भी दर्ज है, जिसकी राशि लगभग 17,500 रुपये से लेकर 70,000 रुपये तक बताई गई है।
परिवहन विभाग का कहना है कि संबंधित वाहन मालिकों को पहले भी सूचित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद निर्धारित औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। अब इसे अंतिम अवसर के रूप में देखा जा रहा है और सभी लंबित मामलों को जल्द निपटाने की अपेक्षा की गई है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में बकाया कर जमा कर परमिट का नवीकरण नहीं कराया गया, तो संबंधित वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में वाहन मालिकों को परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। साथ ही फिटनेस प्रमाणपत्र, कर भुगतान, परमिट नवीकरण और अन्य दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रियाएं भी प्रभावित होंगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय परमिट के बिना किसी व्यावसायिक वाहन का एक राज्य से दूसरे राज्य में संचालन कानूनन मान्य नहीं है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत वैध परमिट के अभाव में वाहन चलाना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में वाहन को जब्त करने के साथ-साथ चालक और वाहन स्वामी पर आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।
संशोधित मोटर वाहन नियमों के अनुसार, बिना वैध परमिट के व्यावसायिक वाहन संचालित करने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं लगातार नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ पंजीकरण और अन्य वैधानिक दस्तावेजों को लेकर भी विभागीय कार्रवाई संभव है।
उप परिवहन आयुक्त सह सचिव, दक्षिणी छोटानागपुर प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण ने सभी संबंधित वाहन स्वामियों से समय रहते बकाया देनदारियां चुकाने और राष्ट्रीय परमिट का नवीकरण कराने की अपील की है, ताकि भविष्य में कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक प्रतिबंधों से बचा जा सके।