पेपर लीक मुद्दे पर सदन में गरजे विधायक जयराम, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की उठायी मांग

पेपर लीक मुद्दे पर सदन में गरजे विधायक जयराम, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की उठायी मांग

झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान JLKM विधायक जयराम महतो ने राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

महतो ने सदन में JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि 14वीं JPSC पीटी परीक्षा को लेकर छात्रों से बातचीत के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है, लेकिन इससे छात्रों की सभी चिंताएं खत्म नहीं हुई हैं। उनके मुताबिक CGL परीक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब जांच के जरिए सामने आना चाहिए।

जयराम महतो ने JPSC पीटी मामले में आरोपी बताए जा रहे अभय तिवारी का भी सदन में जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अभय तिवारी का चयन JSSC-CGL परीक्षा के माध्यम से हुआ था। महतो के अनुसार, उनके परिवार से जुड़े करीब एक दर्जन लोगों का चयन भी इसी परीक्षा के जरिए हुआ।

विधायक ने यह भी दावा किया कि आरोपी ने लगभग 400 अभ्यर्थियों का चयन कराने की बात स्वीकार की है। इन आरोपों का हवाला देते हुए उन्होंने CGL परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की जरूरत बताई।

‘CBI जांच के साथ परीक्षा भी रद्द हो’

जयराम महतो ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI से उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग भी सदन में रखी।

सरकार की ओर से परीक्षा रद्द करने में कानूनी और न्यायिक अड़चन का हवाला दिए जाने पर महतो ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसी जांच के लिए अदालत के समक्ष ED की मांग रख सकती है, तो CGL परीक्षा को रद्द करने का विषय भी न्यायालय के सामने रखा जा सकता है।

विधायक ने JPSC की पहली और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े पुराने मामलों को भी सदन में उठाया। उन्होंने बताया कि इन मामलों में CBI ने वर्ष 2024 में राज्य सरकार से अभियोजन की अनुमति मांगी थी।

महतो के मुताबिक, करीब दो वर्ष गुजर जाने के बावजूद इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने और लंबित कार्रवाई पर जवाब देने की मांग की।