मौसीबाड़ी की ओर बढ़ेंगे प्रभु जगन्नाथ, दर्शन के लिए तड़के 3 बजे से लगी भक्तों की कतार

मौसीबाड़ी की ओर बढ़ेंगे प्रभु जगन्नाथ, दर्शन के लिए तड़के 3 बजे से लगी भक्तों की कतार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jul 16, 2026, 1:09:00 PM

रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में गुरुवार को रथयात्रा महापर्व के अवसर पर भक्ति और उत्साह का अनुपम दृश्य देखने को मिला। सुबह तड़के से ही भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों का लगातार आगमन जारी रहा और पूरा वातावरण धार्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया।

महापर्व के तहत मंदिर के द्वार खुलते ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। सुबह करीब तीन बजे से ही लोग दर्शन के लिए कतारबद्ध होने लगे। महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार किया और विधि-विधान के साथ भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। आरती के दौरान मंदिर परिसर जयघोषों और भक्ति गीतों से गूंज उठा, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल बन गया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस बल के साथ स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई है। भीड़ प्रबंधन को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि दर्शन और आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

महापर्व का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन शाम पांच बजे होगा, जब भगवान जगन्नाथ का सुसज्जित रथ मौसीबाड़ी के लिए रवाना होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रथ की रस्सी को स्पर्श करने या उसे खींचने का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इसी विश्वास के साथ हजारों श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल होकर इस पुण्य अवसर का हिस्सा बनने के लिए पहुंचेंगे।

रथयात्रा के मद्देनजर मौसीबाड़ी को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहां भगवान जगन्नाथ नौ दिनों तक विराजमान रहेंगे। वहीं मंदिर के आसपास पारंपरिक मेले की भी शुरुआत हो चुकी है। विभिन्न दुकानों, झूलों और सांस्कृतिक माहौल से सजा यह मेला अगले कई दिनों तक राजधानीवासियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।