कल भुवनेश्वर में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक, झारखंड गृह विभाग ने DGP से मांगी अहम रिपोर्ट

कल भुवनेश्वर में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक, झारखंड गृह विभाग ने DGP से मांगी अहम रिपोर्ट

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jul 06, 2026, 6:41:00 PM

रांची: झारखंड सरकार ने 7 जुलाई को होने वाली पूर्वी क्षेत्रीय परिषद (ईस्टर्न ज़ोनल काउंसिल - EZC) की स्थायी समिति की 15वीं बैठक को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यह अहम बैठक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित होगी, जहां झारखंड समेत पूर्वी क्षेत्र के राज्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक की तैयारी के तहत गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने पुलिस मुख्यालय से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (DGP) को आधिकारिक पत्र भेजकर राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं की जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, यह बैठक भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय, नई दिल्ली की ओर से आयोजित की जा रही है। बैठक का उद्देश्य ऐसे मामलों की समीक्षा करना है, जिनका संबंध राज्यों के बीच समन्वय, केंद्र-राज्य संबंधों और साझा प्रशासनिक मुद्दों से है। 

गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय से परिषद की बैठक के लिए प्रस्तावित विषयों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। रिपोर्ट में प्रत्येक विषय की पृष्ठभूमि, उससे जुड़े अंतर्राज्यीय और केंद्र-राज्य पहलुओं के साथ-साथ उसके संभावित प्रभावों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया है। इसके अलावा संबंधित मामलों में अब तक राज्य सरकार, अन्य राज्यों और भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों द्वारा की गई कार्रवाई और उसकी वर्तमान स्थिति की जानकारी भी मांगी गई है। रिपोर्ट में उन मुद्दों का भी उल्लेख करने को कहा गया है, जिनके समाधान के लिए पूर्वी क्षेत्रीय परिषद या उसकी स्थायी समिति के हस्तक्षेप अथवा निर्णय की आवश्यकता है। इसके साथ ही परिषद की पिछली बैठकों में लंबित एजेंडा बिंदुओं पर हुई प्रगति की अद्यतन रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय से यह भी कहा है कि विभाग की अधिकतम तीन उत्कृष्ट या नवाचारी कार्यप्रणालियों का संक्षिप्त विवरण और उनका प्रेजेंटेशन (पीपीपी) भी तैयार कर उपलब्ध कराया जाए, ताकि बैठक के दौरान झारखंड की बेहतर पहलों को अन्य राज्यों के सामने प्रस्तुत किया जा सके। माना जा रहा है कि इस बैठक में कानून-व्यवस्था, अंतर्राज्यीय समन्वय और प्रशासनिक सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है, जिनका सीधा असर पूर्वी राज्यों के आपसी तालमेल और विकास योजनाओं पर पड़ सकता है।