झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे विवादों के बीच गुरुवार को विभिन्न राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने राज्य के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव से मुलाकात कर परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान के लिए सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार से विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की गई, ताकि पूरे मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से जांच हो सके। इसके अलावा, भविष्य में भर्ती परीक्षाओं के संचालन के लिए भरोसेमंद भारतीय एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपने का भी सुझाव दिया गया।
बैठक के दौरान छात्र हितों से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए गए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का भुगतान समय पर मिले, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उनका कहना था कि इससे छात्रों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा और उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
प्रतिनिधियों ने परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान किसी संगठित समूह की भूमिका को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, तो उन आरोपों की भी निष्पक्ष और तथ्य आधारित जांच कराई जानी चाहिए। उनका तर्क था कि इससे वास्तविक अभ्यर्थियों द्वारा चलाए जा रहे लोकतांत्रिक आंदोलन की विश्वसनीयता बनी रहेगी और किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।
उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि सभी मांगों को संबंधित विभागों के समक्ष रखा जाएगा और आवश्यक स्तर पर उचित कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे।
इस प्रतिनिधिमंडल में राजद, कांग्रेस, भाकपा (माले), सीपीआई, एसएफआई, एआईएसएफ समेत विभिन्न राजनीतिक, छात्र और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। इनमें राजद के प्रदेश महासचिव इरफान अहमद अंसारी, जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र महतो, कांग्रेस के योगेंद्र सिंह, भाकपा (माले) के आर.एन. सिंह, सीपीआई के अजय कुमार, एसएफआई के दानिश खान और एआईएसएफ के एहतेशाम परवीन प्रमुख रूप से मौजूद रहे।