झारखंड राज्यसभा चुनाव में भाजपा की रणनीति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

झारखंड राज्यसभा चुनाव में भाजपा की रणनीति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 09, 2026, 6:14:00 PM

 झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों का तीखा प्रतिवाद करते हुए कहा है कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक नैतिकता पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को अपने राजनीतिक इतिहास पर नजर डालनी चाहिए।

एक बयान जारी कर दूबे ने कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस और महागठबंधन पर अनर्गल आरोप लगा रही है, जबकि विभिन्न राज्यों में निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने और राजनीतिक समीकरणों के जरिए सत्ता हासिल करने के आरोप स्वयं भाजपा पर लगते रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे में कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को लेकर सवाल खड़े करना विरोधाभासी प्रतीत होता है।

राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में उन्होंने भाजपा से यह स्पष्ट करने की मांग की कि यदि उसके पास जीत सुनिश्चित करने लायक विधायक समर्थन नहीं है, तो उसने एक उद्योगपति उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किन आधारों पर किया। दूबे ने कहा कि भाजपा को जनता के सामने यह बताना चाहिए कि उसकी चुनावी रणनीति का आधार क्या है और वह किस गणित के भरोसे चुनाव मैदान में उतरी है।

कांग्रेस नेता ने भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की चुनावी सक्रियता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को अपने दावों और समर्थन पर भरोसा है, तो फिर उसके शीर्ष नेताओं को झारखंड में विशेष रूप से राजनीतिक प्रबंधन और विधायकों के संपर्क अभियान चलाने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई। उनके अनुसार, यह स्थिति भाजपा की चुनावी चिंता को दर्शाती है।

दूबे ने दावा किया कि झारखंड में महागठबंधन पूरी तरह संगठित और एकजुट है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी विधायक अपने प्रत्याशी के साथ मजबूती से खड़े हैं और राज्यसभा चुनाव में उसकी जीत को लेकर कोई संशय नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संभावित पराजय की आशंका के कारण राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

इस दौरान उन्होंने भाजपा से जनहित के मुद्दों पर भी जवाब मांगा। दूबे ने कहा कि महंगाई, रोजगार, कृषि क्षेत्र की चुनौतियां, युवाओं की अपेक्षाएं और झारखंड के प्रति केंद्र सरकार के रवैये जैसे विषय जनता के लिए अधिक महत्वपूर्ण हैं। उनका कहना था कि विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय भाजपा को इन मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

कांग्रेस महासचिव ने अंत में कहा कि राज्य की जनता राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और वह यह समझती है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा जनादेश के सम्मान को लेकर किस दल का रिकॉर्ड कैसा रहा है। उन्होंने भाजपा को सलाह दी कि दूसरे दलों पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक व्यवहार और कार्यशैली का मूल्यांकन करे।