छोटानागपुर काश्तकारी (CNT) अधिनियम के उल्लंघन से जुड़े चर्चित भूमि खरीद-फरोख्त मामले में सजा पा चुके ब्रजेश महतो को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिसके बाद उनके जेल से रिहा होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वह इस मामले में दोषसिद्धि के बाद से न्यायिक हिरासत में थे।
यह मामला करीब डेढ़ दशक पुराना है, जिसमें पूर्व मंत्री एनोस एक्का समेत कई लोगों पर आदिवासी भूमि के अवैध हस्तांतरण और सरकारी पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। विशेष सीबीआई अदालत ने 29 अगस्त 2025 को सुनाए गए अपने फैसले में एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात सहित कई अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया था। इन्हीं दोषियों में ब्रजेश महतो का नाम भी शामिल था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, एनोस एक्का पर मंत्री पद पर रहते हुए प्रभाव का इस्तेमाल कर प्रतिबंधित श्रेणी की जमीनों के सौदों को अंजाम देने का आरोप था। आरोपपत्र में कहा गया था कि फर्जी दस्तावेजों और कथित प्रशासनिक सहयोग के जरिए CNT कानून की अनदेखी कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई।
जांच के दौरान कई संपत्तियों का विवरण भी सामने आया था। आरोप था कि मेनन एक्का के नाम पर रांची और आसपास के इलाकों में बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई। इनमें हिनू, ओरमांझी, नेवरी और चुटिया क्षेत्र की जमीनें शामिल थीं, जिनकी खरीद वर्ष 2006 से 2008 के बीच हुई बताई गई थी।
इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने की थी। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने अदालत में आरोपपत्र दायर किया, जिसके आधार पर मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ी। बाद में विशेष अदालत ने आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी।
अब हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद ब्रजेश महतो को अस्थायी राहत मिली है। हालांकि, मामले से संबंधित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं और अपील संबंधी कार्रवाई अभी जारी रहेगी।