रामगढ़ : टर्बाइन की ओवरस्पीड बनी काल! पावर प्लांट ब्लास्ट में 3 की मौ*त; एक की हालत नाजुक

रामगढ़ : टर्बाइन की ओवरस्पीड बनी काल! पावर प्लांट ब्लास्ट में 3 की मौ*त; एक की हालत नाजुक

रामगढ़ जिले के बरकाकाना थाना क्षेत्र में शनिवार को एक पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने हड़कंप मचा दिया। हेहल स्थित सीमेंट एंड इस्पात के पावर प्लांट में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। घटना में वहां काम कर रहे तीन इंजीनियरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य इंजीनियर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।

विस्फोट की खबर मिलते ही प्लांट परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे में तीन कर्मियों की जान गई है और एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल है। बरकाकाना थाना प्रभारी उमाशंकर वर्मा के अनुसार, घायल को उपचार के लिए रांची भेजा गया है।

ओवरहीटिंग और टर्बाइन की तकनीकी खराबी की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पावर प्लांट में तापमान बढ़ने के बाद सिस्टम पर दबाव बढ़ा। बताया जा रहा है कि सुरक्षा तंत्र के काम नहीं करने और टर्बाइन की गति निर्धारित सीमा से अधिक होने के बाद विस्फोट हुआ। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बोकारो के जागेश्वर विहार निवासी विनीत महतो, धनबाद निवासी संजीव केसरी और गढ़वा के नगर उंटारी निवासी अभिषेक पांडेय के रूप में बताई गई है। वहीं, हजारीबाग निवासी तरुण रवानी गंभीर रूप से घायल हैं।

कंट्रोल रूम की गर्मी को लेकर कर्मचारियों ने उठाए सवाल

हादसे के बाद प्लांट कर्मचारियों ने प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कर्मचारी अमित के मुताबिक, कंट्रोल रूम में लंबे समय से तापमान सामान्य से अधिक रहने की समस्या थी। वहां लगा एयर कंडीशनिंग सिस्टम खराब होने के कारण कर्मचारियों को अत्यधिक गर्मी में काम करना पड़ रहा था।

कर्मचारियों का दावा है कि इस समस्या की जानकारी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को कई बार दी गई थी। तापमान की निगरानी के लिए टेंपरेचर गन से रीडिंग लेकर अधिकारियों तक जानकारी भी पहुंचाई जाती थी, लेकिन इसके बावजूद कूलिंग व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया।

कर्मचारियों का आरोप है कि यदि समय रहते तकनीकी खामियों और तापमान की समस्या पर कार्रवाई की जाती तो हादसे को टाला जा सकता था। घटना के बाद प्लांट के कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मृत इंजीनियरों के परिवारों को उचित मुआवजा और घायल कर्मचारी को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।