झारखंड के जामताड़ा जिले से एक वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक शिष्टाचार और अफसरशाही की हद को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। दरअसल स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के जामताड़ा जिले के बिरगांव, पंजनिया पंचायत दौरे का यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में बारिश के दौरान मंत्री को भीगने से बचाने के लिए अंचलाधिकारी सह प्रभारी बीडीओ अविश्वर मुर्मू खुद छाता लेकर उनके साथ तेज कदमों से चलते नजर आ रहे हैं। अब इसी वायरल वीडियो पर सियासत शुरू हो गयी है। बीजेपी ने सीधे सीधे निशाना साध दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी जब पंचायत के निरीक्षण पर निकले थे, तब अचानक मौसम ने करवट ले ली और बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अंचलाधिकारी ने मंत्री के ऊपर छाता तान लिया और पूरे रास्ते उनके साथ-साथ चलते रहे। देखते ही देखते यह वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इसके वायरल होते ही कई तरह की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है।
एक तरफ जहां कुछ लोगों का कहना है कि वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत अधिकारी का यह कर्तव्य बनता है कि दौरे के दौरान मंत्री को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बारिश में छाता देना उसी का एक हिस्सा है। वहीं दूसरे लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक अंचलाधिकारी का काम सिर्फ कागज और फाइल देखना नहीं है? जनता की समस्याएं सुनना नहीं है? एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का इस तरह पीछे-पीछे दौड़ना प्रशासनिक गरिमा के खिलाफ है। जबकि बीजेपी ने इसपर कडी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने कहा है कि इस तरह की तस्वीरें झारखंड में अफसरशाही और सत्ता के बीच के फर्क को मिटा रही हैं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सीअ-बीडीओ जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी अगर जनता की समस्याएं छोड़कर वीआईपी के लिए छाता-ड्यूटी करेंगे तो आम लोगों का काम कौन देखेगा? सुमित शरण ने कहा कि यह घटना इस बात का प्रतीक है कि आज अधिकारी जनता के सेवक कम और नेताओं के ज्यादा बनते जा रहे हैं। भाजपा ने मांग की है कि प्रशासन अपनी मूल भूमिका में लौटे और जनता के प्रति जवाबदेह बने। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
जामताड़ा से संतोष की रिपोर्ट