एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ राजद का हल्ला बोल, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के आह्वान पर गुरुवार को जामताड़ा अनुमंडल कार्यालय के समक्ष एमएमडीआर (खान एवं खनिज विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में राजद कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया।

जामताड़ा: झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के आह्वान पर गुरुवार को जामताड़ा अनुमंडल कार्यालय के समक्ष एमएमडीआर (खान एवं खनिज विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में राजद कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष दिनेश यादव ने की, जबकि संचालन प्रधान महासचिव अशोक चौधरी ने किया। 

इस धरने में जिला प्रभारी भूतनाथ यादव, जिला उपाध्यक्ष दयाशंकर यादव, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अर्चना कुमारी यादव सहित सभी प्रखंडों के अध्यक्ष और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह संशोधन विधेयक झारखंड के हित में नहीं है। झारखंड खनिज संपदा से परिपूर्ण राज्य है और यहां की अर्थव्यवस्था, रोजगार और आदिवासियों-मूलवासियों की आजीविका जल, जंगल, जमीन और खनिज पर ही टिकी है। इस विधेयक से राज्य के अधिकारों पर कुठाराघात होगा।

पार्टी के प्रधान महासचिव अशोक चौधरी और महिला मोर्चा अध्यक्ष अर्चना कुमारी यादव ने भी कहा कि यह विधेयक संघीय ढांचे के खिलाफ है और इसे अविलंब वापस लिया जाना चाहिए। धरना-प्रदर्शन के बाद राजद के प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा और विधेयक को वापस लेने की मांग की।

जामताड़ा से संतोष की रिपोर्ट