जामताड़ा सदर अस्पताल में बेमियादी हड़ताल, ठप हुई स्वास्थ्य सेवाएं

जामताड़ा सदर अस्पताल में बेमियादी हड़ताल, ठप हुई स्वास्थ्य सेवाएं

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jul 17, 2026, 2:41:00 PM

जामताड़ा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया, जिससे अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। गुरुवार, 16 जुलाई को अस्पताल परिसर में हुई तोड़फोड़ और हंगामे की घटना के विरोध में डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मचारियों और सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मियों ने संयुक्त रूप से यह कदम उठाया है। हड़ताल के चलते अस्पताल की ओपीडी, वार्ड सेवाएं और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह बंद हैं, जबकि केवल आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं संचालित की जा रही हैं।

शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर एकत्र हुए और धरना देकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि हालिया घटना में शामिल लोगों के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

हड़ताल का सबसे अधिक असर इलाज के लिए आने वाले मरीजों पर देखने को मिला। सुबह से ओपीडी बंद रहने के कारण विभिन्न ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों से पहुंचे मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ा। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें अस्पताल में हड़ताल की जानकारी नहीं थी, इसलिए लंबी दूरी तय कर आने के बावजूद इलाज नहीं मिल सका। वहीं बच्चों और अन्य गंभीर मरीजों के परिजनों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि आपातकालीन विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ने से वहां अतिरिक्त दबाव बन गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अस्पताल पहुंचा और प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से बातचीत कर माहौल को शांत बनाए रखने का प्रयास किया। दूसरी ओर, कर्मचारियों का कहना है कि केवल मौखिक भरोसे से काम नहीं चलेगा। उनका आग्रह है कि प्रशासन लिखित रूप में सुरक्षा संबंधी आश्वासन दे और दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

फिलहाल अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन मरीजों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने पर विचार कर रहा है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन के कारण नियमित चिकित्सा सेवाएं अभी भी बाधित हैं।

जामताड़ा से संतोष कुमार की रिपोर्ट