पटना: मेधावी अभ्यर्थियों लिए जितनी भी आवश्यक और अत्याधुनिक सुविधाएं संभव हैं, वे सभी उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश सरकार कर रही है। अब अभ्यर्थियों को केवल अपने लक्ष्य और रिजल्ट पर फोकस करना है। उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करें और अपने सपनों को साकार करें। यह संदेश पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद ने बुधवार को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को दिया। मंत्री पटना के कंकड़बाग स्थित जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास में जननायक कर्पूरी ठाकुर सिविल सर्विसेज, आईआईटी-जेईई एवं नीट कोचिंग सेंटर का उद्घाटन करने पहुंची थी। यह सेंटर जननायक पुस्तकालय एवं राज्य डिजिटल अध्ययन केन्द्र के अंतर्गत संचालित होगा।
उद्घाटन के बाद मंत्री रमा निषाद ने कोचिंग के लिए चयनित छात्र-छात्राओं और छात्रावास में आवासित विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना तथा मौके पर मौजूद विभागीय पदाधिकारियों को समस्याओं का तुरंत समाधान निकालने का निर्देश दिए। कोचिंग सेंटर के माध्यम से पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को यूपीएसससी और बीपीएससी परीक्षाओं के साथ आईआईटी-जेईई एवं नीट की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल से ऐसे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप अध्ययन का बेहतर वातावरण मिलेगा, जिन्हें महंगी निजी कोचिंग का खर्च उठाने में कठिनाई होती है।
कोचिंग सेंटर में विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा तैयारी को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें उन्नत पुस्तकालय, ऑनलाइन टेस्ट सेंटर, स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट टीवी और ऑल-इन-वन डेस्कटॉप कंप्यूटर शामिल हैं। विद्यार्थियों की तैयारी का नियमित मूल्यांकन करने के लिए पाक्षिक एवं राज्य स्तरीय द्विमासिक जांच परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं, प्रत्येक विद्यार्थी की प्रगति पर नजर रखने के लिए एमआईएस पोर्टल की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों को प्रेरित एवं मार्गदर्शित करने के लिए नियमित प्रेरणा-सह-मार्गदर्शन सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। कोचिंग सेंटर में पढ़ाई को डिजिटल स्वरूप देने के लिए जननायक स्टडी सेंटर ऐप और डिजिटल स्मार्ट आईडी कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों की खरीद के लिए विद्यार्थियों को एकमुश्त 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।
केंद्र में फिलहाल 60 छात्र-छात्राओं का एक बैच संचालित किया जा रहा है। इसकी अवधि 12 माह है। इस दौरान विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, टेस्ट, डिजिटल संसाधन, मूल्यांकन और मार्गदर्शन के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। मौके पर विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के. सेंथिल कुमार ने भी छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध उन्नत तकनीकी एवं शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने तथा कड़ी मेहनत के बल पर बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।