मेगा जॉब फेयर-2026 में 20,226 युवाओं को रोजगार, अब हर जिले में लगेगा नियोजन मेला

पटना के ज्ञान भवन में आयोजित पांच दिवसीय मेगा जॉब फेयर-2026 सूबे के युवाओं के लिए रोजगार के बड़े मंच के रूप में उभर कर सामने आया है। इस मेले में 20,226 युवक-युवतियों को रोजगार मिले हैं।

पटना के ज्ञान भवन में आयोजित पांच दिवसीय मेगा जॉब फेयर-2026 सूबे के युवाओं के लिए रोजगार के बड़े मंच के रूप में उभर कर सामने आया है। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग तथा बिहार कौशल विकास मिशन की ओर से 19 से 23 अगस्त तक आयोजित इस मेले में 20,226 युवक-युवतियों को रोजगार मिले हैं। यानी इस पांच दिवसीय मेला में रोजाना औसतन चार हजार से अधिक युवाओं को उनकी योग्यता के मुताबिक रोजगार मिले हैं। इसमें बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस, रिटेल समेत विभिन्न क्षेत्रों की 115 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया। मेले में युवाओं को 15 हजार से 60 हजार रुपये प्रतिमाह तक के रोजगार अवसर उपलब्ध कराए गए।

रोजगार मेले की विशेष उपलब्धि यह रही कि चयनित युवाओं में 3,940 अभ्यर्थियों को बिहार में ही रोजगार मिला, जबकि 476 युवाओं का विदेशों में रोजगार के लिए चयन हुआ। वहीं, दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था के तहत 36 दिव्यांगजन अभ्यर्थियों को भी रोजगार के अवसर मिले हैं। मेले में एक युवक का चयन रैंडस्टैड कंपनी में 9.62 लाख रुपये वार्षिक वेतन पर हुआ, जो मेले में उपलब्ध बेहतर पैकेज वाले रोजगार के बेहतर अवसर में शामिल है।मेगा जॉब फेयर में अलग-अलग दिनों में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर विभिन्न कंपनियों में साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। कंपनियों ने युवाओं की शैक्षणिक योग्यता, कौशल और अनुभव के आधार पर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। इससे न केवल युवाओं को नौकरी पाने का सीधा मंच मिला, बल्कि नियोक्ताओं को भी बिहार के प्रशिक्षित एवं प्रतिभाशाली युवाओं तक पहुंचने का अवसर मिला। समापन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस दौरान मेगा जॉब फेयर-2026 पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई तथा कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया।

यहां बिहार के युवाओं के लिए देश के विभिन्न शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। अरवल के पुरुषोत्तम कुमार गुप्ता का चयन दुबई, गया के मो. अजहर अली अंसारी का बोकारो तथा मुंगेर की प्रीति भारती का दिल्ली में हुआ। इन्हें कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। विदेशों में रोजगार की तैयारी को मजबूत करने के लिए राज्य के जिला नियोजन कार्यालयों में प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन ट्रेनिंग सेंटर का भी विस्तार किया जा रहा है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की अनुमति के बाद बिहार के शेष 33 जिलों में भी यह सुविधा शुरू की जा रही है। इन केंद्रों के माध्यम से विदेश जाने वाले युवाओं को संबंधित देश की भाषा, संस्कृति, अधिकारों और आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। मेगा जॉब फेयर में सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाली मास्कर प्रेसिजन प्राइवेट लिमिटेड, विकास ग्रुप और टीसीई एक्सप्रेस लिमिटेड के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। वहीं, मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के तहत सबसे अधिक इंटर्नशिप उपलब्ध कराने वाली टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, हीरो मोटर कॉर्प लिमिटेड और मौर्यन कार्स सर्विस एलएलपी को भी सम्मानित किया गया। इंडिया स्किल्स के गोल्ड मेडलिस्ट मौसम कुमार गिरी (पश्चिमी चंपारण) और मो. दिलखुश (कटिहार) के परिजनों को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक लाख रुपये तथा ब्रांज मेडलिस्ट आशीष राजवंश (दानापुर, पटना) के परिजनों को 50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया।

मेगा जॉब फेयर की सफलता के बाद राज्य सरकार ने रोजगार मेलों को जिला स्तर तक विस्तार देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अगले वर्ष से बिहार के सभी जिलों में नियोजन मेले आयोजित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को अपने ही जिले और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिल सकें। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने और रोजगार के लिए होने वाले अनावश्यक पलायन को कम करने में मदद मिलेगी। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. कौशल किशोर ने मेले का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह आयोजन राज्य सरकार के वर्ष 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि रोजगार मेले का उद्देश्य युवाओं की शिक्षा, कौशल और अनुभव के अनुरूप उन्हें गुणवत्तापूर्ण रोजगार से जोड़ना है। दिव्यांगजनों तथा मानसिक बीमारी से स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों के पुनर्वास, प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए भोजपुर के कोइलवर स्थित बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड अलाइड साइंसेज में कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। साथ ही दिव्यांगजनों और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए भी कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी है।