पटना: राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने बिहार के दुग्ध संघों को पारंपरिक दूध कारोबार से आगे बढ़कर अपने व्यावसायिक पोर्टफोलियो का विस्तार करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि भविष्य मूल्य संवर्धित दुग्ध उत्पादों का है। दुग्ध संघों को आइसक्रीम, योगर्ट, पनीर और किण्वित दूध उत्पादों के आधुनिक प्लांट स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम करना चाहिए। साथ ही फल, सब्जी और खाद्य तेल जैसे क्षेत्रों में भी कारोबार विस्तार की संभावनाएं तलाशनी चाहिए।
डॉ. शाह ने यह बात गुरुवार को पटना स्थित बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कही। बैठक की अध्यक्षता कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक सह अध्यक्ष शीर्षत कपिल अशोक ने की। बैठक में एनडीडीबी और कॉम्फेड के वरीय अधिकारी मौजूद रहे। बाजार के बदलते रुझानों का उल्लेख करते हुए एनडीडीबी अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में दूध और दुग्ध उत्पादों का कारोबार करीब 70:30 के अनुपात में है। इसे 60:40 या 50:50 के स्तर तक लाने की जरूरत है, ताकि मूल्य संवर्धित उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके। उन्होंने सरसों तेल के क्षेत्र में एनडीडीबी के प्रयासों का उदाहरण देते हुए बताया कि क्रूड ऑयल और नमी के प्रतिशत के आधार पर मूल्य निर्धारण से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी अधिक दाम प्राप्त हुए।
उन्होंने सहकारी क्षेत्र के बढ़ते महत्व का उल्लेख करते हुए नई मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव्स के माध्यम से उभर रहे अवसरों का लाभ उठाने पर जोर दिया। गोबर गैस और जैविक खाद के बेहतर उपयोग तथा मृत पशुओं के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था विकसित करने की भी सलाह दी। डॉ. शाह ने डेयरी क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा और चारा बीज उत्पादन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने चारा विकास कार्यक्रम को मजबूत करने, एनपीडीडी, राष्ट्रीय गोकुल मिशन और श्वेत क्रांति 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
बैठक में राज्य में दुग्ध संग्रह में आई तेजी की सराहना की गई और नई दुग्ध समितियों के गठन पर जोर दिया गया। जीविका-सुधा बिक्री केंद्रों के विस्तार, सुधा पशु आहार की नई किस्मों, पशु औषधि विक्रय केंद्र, सुधा सखी, नस्ल सुधार योजना, सीधे बैंक खाते में भुगतान, बीमा योजना और पशु एवं जन कल्याण कोष जैसी पहलों पर भी चर्चा हुई। डॉ. शाह ने मिथिला हस्तकला को बढ़ावा देने की कॉम्फेड की पहल की भी सराहना की।