वैशाली के राघोपुर में बाढ़ से तबाही के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान जमीन से लेकर पानी तक पहुंचे और प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। तेरसिया और सरायपुर में मोटरबोट के जरिए बाढ़ की स्थिति देखी गई। पानी में डूबी फसलें, तबाह खेत और प्रभावित इलाकों की तस्वीरों ने नुकसान की गंभीरता सामने रखी। किसानों और बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति को भी करीब से देखा गया।
लेकिन इस पूरे दौरे में सबसे ज्यादा चर्चा राघोपुर की हो रही है। क्योंकि राघोपुर सिर्फ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र नहीं है, बल्कि बिहार की राजनीति में एक बेहद चर्चित विधानसभा क्षेत्र है और तेजस्वी यादव से जुड़ा प्रमुख राजनीतिक क्षेत्र रहा है।
ऐसे में जब शिवराज सिंह चौहान खुद राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर फसल नुकसान का जायजा लेते नजर आए, तो इस दौरे की राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है।
हालांकि सरकार की ओर से दौरे का मुख्य उद्देश्य बाढ़, फसल क्षति और राहत-बचाव व्यवस्था का आकलन बताया गया है। केंद्रीय टीम भी बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर रही है।
अब तस्वीर का दूसरा पहलू देखिए…
बाढ़ के मुद्दे पर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, तो सरकार के बड़े चेहरे खुद प्रभावित इलाकों में पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं। यानी राघोपुर में एक तरफ पानी है, दूसरी तरफ सियासत का तापमान बढ़ रहा है।
अब बड़ा सवाल यही है-क्या बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए यह दौरा राहत और मदद का रास्ता खोलेगा? और राजनीतिक तौर पर क्या राघोपुर की यह तस्वीर आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में नया संदेश देगी?
फिलहाल कैमरे में कैद राघोपुर की ये तस्वीरें सिर्फ बाढ़ की कहानी नहीं कह रहीं…बल्कि बिहार की राजनीति में बदलते समीकरणों की चर्चा भी तेज कर रही हैं।
हाजीपुर (वैशाली) से संतोष कुमार सिंह की रिपोर्ट