पांच वर्षीय मासूम का कान्हा बनना पड़ा भारी, ऐसे हुई मौत, पसरा मातम

रोहतास जिले में शुक्रवार को एक पांच वर्षीय मासूम को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान कृष्ण का बाल स्वरूप धारण करना इस कदर महंगा पड़ा कि उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

सासाराम: रोहतास जिले में शुक्रवार को एक पांच वर्षीय मासूम को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान कृष्ण का बाल स्वरूप धारण करना इस कदर महंगा पड़ा कि उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना कोचस प्रखंड क्षेत्र के भगीरथा गांव की बताई जाती है, जहां मृत बालक की पहचान भागीरथा गांव निवासी विलिमेश यादव के पांच वर्षीय पुत्र आर्यन कुमार के रूप में हुई है।

कृष्ण के बाल स्वरूप में था बालक 

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक आर्यन के माता-पिता ने जन्माष्टमी के अवसर पर अपने पुत्र को बड़े हीं उत्साह से भगवान कृष्ण के पोशाक में तैयार किया था। हाथ में बांसुरी, माथे पर मोर का पंख और गले में मोतियों की माला पहने आर्यन बड़ा हीं मासूम दिख रहा था, लेकिन तभी अचानक किसी की नजर लग गई और अस्पताल जाते-जाते उसने दम तोड़ दिया।

गले में फंसी माले की मोती 

बताया जाता है कि आर्यन ने गले में पहने मोतियों की माला को दांत से नोच कर एक मोती को मुंह में दबा रखा था, लेकिन तभी खेल-खेल में मोती मासूम के गले में चली गई और अंदर जाकर फंस गई। इस दौरान मासूम का जब दम घुटने लगा, तो वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। वहीं बच्चे को जमीन पर गिरा देख परिजन आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गये, जहां चिकित्सक डॉक्टर अजीत कुमार ने जांच के पश्चात मासूम बच्चे को मृत घोषित कर दिया। 

जन्माष्टमी की खुशियां मातम में तब्दील 

वहीं भागीरथा गांव में पांच वर्षीय मासूम की मौत के बाद कृष्ण जन्माष्टमी की खुशियां मातम में बदल गई। जानकारी के अनुसार मृतक मासूम के पिता विमलेश यादव एक निम्न परिवार से आते हैं, जो मशरूम की खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है तथा मां का रो रो कर बुरा हाल है।


सासाराम से दिवाकरी तिवारी की रिपोर्ट